अकोला में चुनाव ड्यूटी में लापरवाही पर बड़ा एक्शन, मनपा लिपिक शरण वासनिक पर FIR दर्ज करने के निर्देश
Akola Voter List: विशेष संक्षिप्त मतदाता सूची पुनरीक्षण अभियान में लापरवाही बरतने और बैठक से गायब रहने पर अकोला मनपा के लिपिक शरण वासनिक के खिलाफ सिटी कोतवाली में मामला दर्ज करने के आदेश दिए गए हैं।
- Written By: केतकी मोडक
मतदाता सूची प्रतीकात्मक तस्वीर (सोर्स- सोशल मीडिया)
Akola Municipal Corporation Clerk FIR: विशेष संक्षिप्त मतदाता सूची पुनरीक्षण अभियान के दौरान चुनाव संबंधी कार्य में कथित लापरवाही बरतने के आरोप में अकोला महानगरपालिका के लिपिक शरण वासनिक के खिलाफ मामला दर्ज करने के आदेश जारी किए गए हैं।
अकोला पश्चिम विधानसभा क्षेत्र के मतदाता पंजीकरण अधिकारी एवं उपजिलाधिकारी (राजस्व) निखिल खेमनार ने चुनाव ड्यूटी में कसूर करने तथा वरिष्ठ अधिकारियों के वैध निर्देशों का पालन नहीं करने के आरोप में संबंधित कर्मचारी के विरुद्ध कार्रवाई के निर्देश सिटी कोतवाली पुलिस को दिए हैं।
क्या थी लिपिक की लापरवाही?
भारत निर्वाचन आयोग के निर्देशानुसार महाराष्ट्र राज्यभर में विशेष संक्षिप्त मतदाता सूची पुनरीक्षण अभियान चलाया जा रहा है। इसी क्रम में विधानसभा क्षेत्र के भाग क्र. 187 में पुनरीक्षण कार्य की जिम्मेदारी संबंधित कर्मचारी को सौंपी गई थी। कार्य की समीक्षा के लिए सहायक मतदाता पंजीकरण अधिकारी एवं शिक्षणाधिकारी रतनसिंह पवार ने बैठक बुलाई थी, लेकिन संबंधित कर्मचारी बिना किसी पूर्व सूचना अथवा वैध कारण के बैठक में अनुपस्थित रहे।
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प्रशासन के अनुसार, अधिकारियों ने उनसे कई बार संपर्क करने का प्रयास किया, लेकिन कोई जवाब नहीं मिला। इसके अलावा चुनाव प्रक्रिया के लिए आवश्यक ‘ईएफ फॉर्म’ समय पर बीएलओ तक नहीं पहुंचाए गए, जिससे पुनरीक्षण कार्य प्रभावित हुआ।
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प्रशासन ने माना गंभीर प्रकरण
प्रकरण को गंभीर मानते हुए अकोला जिले के उपजिलाधिकारी निखिल खेमनार ने सहायक मतदाता पंजीकरण अधिकारी एवं शिक्षणाधिकारी रतनसिंह पवार को सिटी कोतवाली पुलिस थाने में अधिकृत शिकायत दर्ज कराने के निर्देश दिए हैं। साथ ही एफआईआर दर्ज होने के बाद उसकी प्रति तत्काल प्रशासन को उपलब्ध कराने के आदेश भी जारी किए गए हैं।
प्रशासन का कहना है कि संबंधित कर्मचारी की कथित लापरवाही के कारण निर्वाचन आयोग द्वारा निर्धारित समयबद्ध मतदाता सूची पुनरीक्षण कार्यक्रम में बाधा उत्पन्न हुई है। इसी आधार पर उपजिलाधिकारी निखिल खेमनार ने लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम, 1950 की धारा 32 तथा भा.न्या.सं. (बीएनएस), 2023 की संबंधित धाराओं के तहत आपराधिक मामला दर्ज करने के निर्देश दिए हैं।
