

अकोला में अब सात के बजाय 10 दिन के अंतराल पर जलापूर्ति।
काटेपूर्णा परियोजना में उपयोगी जलसंचय सिर्फ 16.07 प्रतिशत।
65 एमएलडी और 25 एमएलडी जलशुद्धीकरण केंद्रों से जुड़े क्षेत्रों पर असर।
मोर्णा बांध से काटेपूर्णा जलशुद्धीकरण केंद्र तक पाइपलाइन बिछाने का काम जारी।
पाइपलाइन का काम चार महीने में पूरा होने की संभावना, मनपा पदाधिकारियों का दावा।
Akola Water Crisis Katepurna Dam: अकोला में काटेपूर्णा बांध का उपयोगी जलसंचय घटकर 16.07 प्रतिशत रहने और बारिश की कमी के कारण मनपा ने 4 अक्टूबर से जलापूर्ति का अंतर सात से बढ़ाकर 10 दिन कर दिया है। अब कई क्षेत्रों में 11वें दिन पानी मिलेगा। मोर्णा बांध से जलशुद्धीकरण केंद्र तक पाइपलाइन का काम चार महीने में पूरा होने की उम्मीद जताई गई है।
अकोला, बारिश की कमी और काटेपूर्णा बांध में लगातार घटते जलसंचय के कारण अकोला शहर में पानी की समस्या गंभीर होने की आशंका बढ़ गई है। मनपा प्रशासन ने 4 अक्टूबर से जलापूर्ति के अंतराल में बदलाव करते हुए सात दिन के बजाय 10 दिन में एक बार पानी देने का निर्णय लिया है। इसके चलते अब शहर के कई हिस्सों में नलों से 11वें दिन जलापूर्ति होगी।
मनपा के अनुसार, काटेपूर्णा परियोजना में उपयोगी जलभंडारण घटकर 16.07 प्रतिशत रह गया है। एक ओर जलसंचय कम हो रहा है, वहीं बारिश की कमी के कारण पानी की मांग और उपलब्धता के बीच संतुलन बनाए रखना प्रशासन के लिए चुनौती बन गया है।
65 एमएलडी जलशुद्धीकरण संयंत्र से जुड़े महाजनी प्लॉट, बड़ी उमरी, गुडधी, नेहरू पार्क, तोष्णीवाल लेआउट, आदर्श कॉलोनी, केशव नगर, रेलवे स्टेशन, गंगानगर, अकोट फैल, जोगलेकर प्लॉट और लोकमान्य नगर के जलकुंभों से होने वाली जलापूर्ति अब 11वें दिन होगी।
मनपा की सीमा वृद्धि वाले क्षेत्रों में भी यही व्यवस्था लागू रहेगी। मलकापुर, शिवापुर, खड़की, शिवर, उमरी, गुडधी, न्यू तापड़िया नगर, हिंगना, सोमठाना, गीतानगर, अयोध्या नगर, मेहरे नगर, गजानन नगर, आश्रय नगर और डाबकी सहित कई इलाकों में पानी के लिए अधिक इंतजार करना पड़ेगा।
इसके अलावा 25 एमएलडी जलशुद्धीकरण केंद्र से जुड़े शिवनगर, आश्रय नगर, बस स्टैंड और शिवणी जलकुंभों से होने वाली जलापूर्ति भी इसी अंतराल पर होगी।
जलसंकट से राहत दिलाने के लिए मोर्णा बांध से महान गांव स्थित काटेपूर्णा जलशुद्धीकरण केंद्र तक पाइपलाइन बिछाने का काम किया जा रहा है। मनपा स्थायी समिति के सभापति विजय अग्रवाल ने कहा कि इस काम को करीब चार महीने में पूरा किए जाने की संभावना है।
उन्होंने बताया कि काटेपूर्णा बांध में जलसंचय कम होने के कारण फिलहाल उपलब्ध पानी के अनुसार जलापूर्ति की व्यवस्था की जा रही है। पाइपलाइन का काम पूरा होने तक परिस्थितियों की समीक्षा कर आगे का निर्णय लिया जाएगा।
मनपा पदाधिकारी गिरीश गोखले ने उम्मीद जताई कि मोर्णा बांध से जलशुद्धीकरण केंद्र तक पाइपलाइन का काम समय पर पूरा होगा और शहरवासियों को राहत मिलेगी। उन्होंने यह भी कहा कि मनपा की सीमा में शामिल नए क्षेत्रों में पर्याप्त जलापूर्ति सुनिश्चित करना जरूरी है, ताकि वहां के नागरिकों को भी पानी की किल्लत का सामना न करना पड़े।
फिलहाल शहरवासियों को जलापूर्ति के बढ़े हुए अंतराल के साथ गुजारा करना होगा। आने वाले महीनों में पानी की उपलब्धता और पाइपलाइन परियोजना की प्रगति ही आगे की व्यवस्था तय करेगी।