अकोला में फसलें बर्बाद (सौजन्य-नवभारत)
Crop Damage Akola: अकोला जिले के अनेक क्षेत्रों में सोमवार की देर शाम अचानक हुई बेमौसम बारिश ने किसानों को फिर से झकझोर दिया। शाम साढ़े छह बजे के बाद तेज़ हवा, बिजली की कड़क और मूसलधार बारिश के कारण जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया। जिले में 5.9 मिमी बारिश दर्ज की गई और 44 गाँवों के 653.3 हेक्टेयर क्षेत्र की फसलें प्रभावित हुईं।
इसमें मुख्य रूप से गेहूँ, प्याज और सब्ज़ियों की फसलें बर्बाद हुईं। तेल्हारा तहसील में बिजली गिरने से 5 भेड़ों की मौत हो गयी। अकोला शहर समेत कई हिस्सों में अचानक मौसम बदल गया। तेज़ हवा और बारिश से कई पेड़ गिर गए और बिजली आपूर्ति बाधित हो गई।
प्रशासन ने एहतियातन कुछ क्षेत्रों में बिजली सप्लाई बंद रखी। बेमौसम बारिश ने कटाई के लिए तैयार रबी फसलों को सबसे अधिक प्रभावित किया। गेहूँ और चना की फसलें ज़मीन पर गिर गईं। आम और केले जैसी फलों की बागानें भी बुरी तरह प्रभावित हुईं। जिन किसानों ने फसल काटकर खेतों में ही ढेर (कड़बा और अनाज) रखा था, उन्हें सबसे अधिक नुकसान हुआ।
| क्षेत्र (Tehsil) | प्रभावित गांव (Villages) | नुकसान (Affected Area in Hectare) |
| अकोला (Akola) | 36 | 634.0 |
| मुर्तिजापुर (Murtizapur) | 08 | 18.3 |
| अकोट (Akot) | 44 | (सर्वेक्षण जारी) |
| कुल (Total) | 88 | 652.3+ |
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बेमौसम बारिश से ग्रामीण क्षेत्रों में बड़े पैमाने पर नुकसान हुआ है। बिजली आपूर्ति बाधित हुई और सब्ज़ी व फलों की बागानें नष्ट हुईं। कई जगह बिजली गिरने से भी नुकसान हुआ। इस पर जिला प्रशासन को तुरंत कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए हैं।
बिजली वितरण कंपनी, राजस्व विभाग, स्वास्थ्य विभाग, बांधकाम विभाग, जिला परिषद, नगर पालिका और महानगरपालिका को सर्वे करने और नागरिकों को राहत देने के आदेश दिए गए। इस तरह जिले के पालकमंत्री एड. आकाश फुंडकर, सांसद अनूप धोत्रे और विधायक रणधीर सावरकर ने प्रशासन से अपेक्षा की है कि किसानों और नागरिकों को तुरंत सहायता दी जाए और गर्मी के मौसम में उन्हें किसी प्रकार की परेशानी न हो।