Akola News: अकोला जिले में बेमौसम बारिश ने एक बार फिर किसानों को गहरा धक्का दिया है. शुक्रवार को हुई तेज बारिश और तूफान से लगभग 268 हेक्टेयर क्षेत्र की फसलें प्रभावित हुई हैं. प्राथमिक रिपोर्ट के अनुसार प्याज, गहूं और सब्जियों की फसलें सबसे अधिक प्रभावित हुई हैं. पहले से ही आर्थिक संकट में फंसे किसानों के सामने नया संकट खड़ा हो गया है.
पिछले वर्ष खरीफ के बाद रबी सीजन में भी बेमौसम बारिश ने नुकसान पहुंचाया था. इस बार भी मार्च माह में तापमान 40 डिग्री सेल्सियस से ऊपर जाने के बाद अचानक बारिश ने किसानों को चौंका दिया. तेज हवा और बारिश से खेतों में खड़ी फसलें बर्बाद हो गईं. इससे किसानों पर कर्ज का बोझ और बढ़ने की आशंका है. सब्जी, फल और प्याज जैसी नगदी फसलें हाथ से निकल जाने के कारण किसानों की आर्थिक स्थिति और बिगड़ गई है.
बाक्समौसम विभाग का अनुमान नागपुर प्रादेशिक मौसम केंद्र ने 1 से 4 अप्रैल के बीच बारिश की संभावना जताई थी. उसी अनुसार 3 अप्रैल को बारिश हुई. हालांकि अब 5 और 6 अप्रैल को मौसम शुष्क रहने की संभावना व्यक्त की गई है, जिससे किसानों को अस्थायी राहत मिलने की उम्मीद है.
पाइंटरपंचनामे की मांग लगातार बेमौसम बारिश से खेती संकट में फंस गई है. किसान वर्ग ने तत्काल पंचनामे कर नुकसान भरपाई देने की मांग की है. नुकसान के आकलन के अनुसार अकोला तहसील में सर्वाधिक 265 हेक्टेयर क्षेत्र प्रभावित हुआ है.
जिसमें प्याज, गहूं और सब्जियों की फसलें बड़े प्रमाण में नष्ट हुई है. बार्शीटाकली तहसील में 3 हेक्टेयर क्षेत्र का प्याज नुकसानग्रस्त हो गया है. वहीं भेंडगांव के किसान रामेश्वर गावंडे बिजली गिरने से घायल होने की जानकारी है.
इस बेमौसम बारिश ने किसानों की उम्मीदों पर पानी फेर दिया है. अब प्रशासन से तुरंत मदद और नुकसान भरपाई की अपेक्षा की जा रही है ताकि किसान फिर से खरीफ फसलों के लिए तैयार हो सकें.