Akola News: प्रभु ईसा मसीह के पुनरुत्थान दिवस, ईस्टर संडे, को अकोला शहर और जिले में बड़े हर्षोल्लास के साथ मनाया गया. रविवार को हजारों श्रद्धालु प्रोटेस्टेंट और रोमन कैथलिक चर्चों में विशेष प्रार्थना सभाओं और धार्मिकसांस्कृतिक कार्यक्रमों में शामिल हुए.
खदान स्थित बेथेल सेवियर्स अलायन्स चर्च में रेव्हरंड वी.एल. डोगरदिवे ने बाइबल के वचनों के आधार पर संदेश देते हुए कहा कि परमेश्वर हमारे अश्रुओं की भाषा समझता है. उन्होंने बताया कि प्रभु ईसा मसीह ने मानव देह धारण कर जीवन जिया और मानव की भावनाओं को समझा. अन्याय और अत्याचार से ग्रस्त समाज में ईसा मसीह के शांति, प्रेम, बंधुत्व और त्याग के विचारों का अनुसरण करने की आवश्यकता है.
उन्होंने महात्मा गांधी, बाबासाहब आंबेडकर, महात्मा फुले, बाबा आमटे, स्वामी विवेकानंद जैसी विभूतियों के विचारों का उल्लेख करते हुए बताया कि ईसा मसीह की शिक्षाओं का पालन करना ही मानवता का मार्ग है. ईस्टर संडे से पूर्व 3 अप्रैल को गुड फ्राइडे और उससे पहले पाल्म संडे मनाया गया था. ईस्टर के अवसर पर जिले के लगभग 30 चर्चों में सुबह प्रार्थना सभाएं हुईं.
9 बजे दिंडी निकाली गई, जिसमें जस्टिन मेश्रामकर, राजेश ठाकुर, अमित ठाकुर, सरला मेश्रामकर, अरविंद बिरपॉल और वैशाली डोगरदिवे के नेतृत्व में श्रद्धालु शामिल हुए. कैप्शन अकोला. चर्च में प्रार्थना सभा का आयोजन.