Akola Fraud Case: अकोला निवेश के लालच में कई नागरिकों और किसानों से करोड़ों रुपये की ठगी करने वाले कथित शेयर बैंक और पतसंस्था टीएमटी के संचालक तुषार ताकझुरे को आखिरकार पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है।
स्थानीय अपराध शाखा ने यह कार्रवाई करते हुए उसे अटकाया और न्यायालय ने उसे 15 मार्च तक पुलिस कस्टडी में भेज दिया है। इस कार्रवाई से बड़े धोखाधड़ी के रैकेट का पर्दाफाश होने की संभावना जताई जा रही है।
अकोला शहर के गंगानगर क्षेत्र में टीएमटी नाम से शेयर बैंक शुरू कर तुषार ताकझुरे ने नागरिकों को आकर्षक योजनाओं का लालच दिया। उसने विज्ञापन देकर कहा कि 60 हजार रुपये निवेश करो और हर महीने 6 हजार रुपये का किराना मुफ्त पाओ।
इसी तरह कम समय में अधिक नफा मिलने का आश्वासन देकर उसने लोगों को निवेश करने के लिए प्रेरित किया। शुरुआत में कुछ निवेशकों को बेहतर मुनाफा देकर विश्वास हासिल किया गया, लेकिन बाद में अचानक लेनदेन बंद कर ताकझुरे ने निवेशकों को टालना शुरू कर दिया।
मिली जानकारी के अनुसार, सिंदखेड क्षेत्र के कई किसानों ने अपनी जमीन गिरवी रखकर और कुछ ने खेती बेचकर इस योजना में बड़ी रकम निवेश की थी। लेकिन रकम वापस मिलने का समय आते ही ताकझुरे गायब हो गया।
जीवनभर की जमापूंजी डूबने का अहसास होते ही संतप्त निवेशकों ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने तुषार ताकझुरे को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया, जहां से उसे 15 मार्च तक पुलिस हिरासत में भेजा गया।
इस मामले में अन्य साथियों की संलिप्तता की भी संभावना जताई जा रही है और पुलिस उनकी तलाश कर रही है। साथ ही, धोखाधड़ी की कुल रकम कितनी है और कितने निवेशक इसमें फंसे हैं, इसका भी गहन जांच जारी है।