Akola News: तामसी चिंचोली गणू क्षेत्र में तेंदूए का आतंक, किसानों में भय का माहौल

Akola News: अकोला जिले में एक तेंदुए के आतंक की खबर ने पूरे जिले में सनसनी फैला दी है। अकोला के तामसी चिंचोली गणू क्षेत्र में तेंदुए के आतंक ने लोगों में भय का माहौल पैदा कर दिया है।
Akola News: अकोला जिले में एक तेंदुए के आतंक की खबर ने पूरे जिले में सनसनी फैला दी है। अकोला के तामसी चिंचोली गणू क्षेत्र में तेंदुए के आतंक ने लोगों में भय का माहौल पैदा कर दिया है।
तेंदुए का आतंक (सौजन्य-IANS)
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Akola News: अकोला जिले के बालापुर तहसील अंतर्गत तामसी चिंचोली गणू और आसपास के खेतों में तेंदूए की सक्रियता देखी जा रही है, जिससे किसानों और ग्रामीणों में भय का वातावरण फैल गया है। वर्तमान में खेतों में फसल की देखरेख और आंतरमशक्कत के कार्य जोरों पर हैं, ऐसे में खेतों में किसानों और मजदूरों की आवाजाही अधिक है। इसी दौरान वन्य प्राणियों की बढ़ती हलचल ने चिंता बढ़ा दी है।

प्राप्त जानकारी के अनुसार, बल्हाडी गांव के निवासी सिकंदर लाला शिंदे अपनी बेटी को वाडेगांव के अस्पताल ले गए थे। लौटते समय तांदली से बल्हाडी मार्ग पर स्थित गावंडे के खेत के पास उन्हें तेंदुआ दिखाई दिया। इससे पहले भी तामसी और पिंपलगांव के बीच तेंदुए के देखे जाने की घटनाएं सामने आई थीं। वन्य प्राणियों के खुलेआम विचरण के कारण फसलों को नुकसान हो रहा है, जिससे किसान रात में खेतों में ही पहरा देने को मजबूर हो गए हैं।

कुत्ते का मिला शव

बल्हाडी के किसान लक्ष्मण चव्हाण ने अपने खेत की झोपड़ी में रात के समय एक कुत्ता बांधकर रखा था। रोज की तरह 29 अगस्त की सुबह जब वे खेत पहुंचे, तो कुत्ता गायब मिला। खोजबीन करने पर पास के नाले में कुत्ता अधखाया हुआ मिला। इससे यह अनुमान लगाया जा रहा है कि रात के समय तेंदुए ने कुत्ते पर हमला कर उसे नाले तक घसीटते हुए मार डाला।

वनविभाग तत्काल करे बंदोबश्त

इन घटनाओं के चलते ग्रामीणों में भय व्याप्त है और वन विभाग से मांग की जा रही है कि क्षेत्र में सक्रिय तेंदुए को जल्द से जल्द पकड़कर सुरक्षित स्थान पर ले जाया जाए। किसानों का कहना है कि यदि समय रहते कार्रवाई नहीं की गई, तो जानमाल का बड़ा नुकसान हो सकता है। साथ ही, फसलों की सुरक्षा और ग्रामीणों की जान की हिफाजत के लिए वन विभाग को गश्त बढ़ानी चाहिए।

ग्रामीणों ने यह भी बताया कि तेंदुए के हमले की आशंका के चलते अब वे रात में खेतों में अकेले जाने से डरते हैं। बच्चों और महिलाओं को खेतों से दूर रखने की सलाह दी जा रही है। वन विभाग को इस मामले में गंभीरता से कदम उठाने की आवश्यकता है, ताकि क्षेत्र में सामान्य स्थिति बहाल हो सके।

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