अकोला में शिक्षकों और कर्मचारियों ने उठाई नियुक्ति व समान वेतन की मांग, आंदोलन तेज
Teacher Recruitment: अकोला में राष्ट्रीय मूलनिवासी बहुजन कर्मचारी संघ की प्रोटन विंग ने रिक्त पदों पर त्वरित भर्ती, समान वेतन, पदोन्नति और लंबित मांगों का जिलाधिकारी को ज्ञापन सौंपा।
Education Department (सोर्सः फाइल फोटो- सोशल मीडिया)
Akola Teachers Protest: प्राध्यापक, शिक्षक और शिक्षकेत्तर कर्मचारियों के रिक्त पदों पर त्वरित नियुक्ति सहित अन्य मांगों को लेकर राष्ट्रीय मूलनिवासी बहुजन कर्मचारी संघ की प्रोटन विंग ने जिलाधिकारी कार्यालय पर दस्तक देते हुए जिलाधिकारी को निवेदन सौंपा। संघ ने कहा कि शिक्षा क्षेत्र में प्राध्यापक, शिक्षक, शिक्षकेत्तर कर्मचारी, आंगनवाड़ी सेविका, शिक्षा सेवक तथा सीएचवी आधार पर कार्यरत प्राध्यापकों की विभिन्न लंबित मांगों को पूरा किया जाए।
रिक्त पदों के कारण छात्रों का नियमित अध्यापन बाधित हो रहा है और कई विद्यालयों व महाविद्यालयों में विषय विशेषज्ञों की कमी महसूस की जा रही है। शिक्षकों का कहना है कि समान वेतन और स्थायित्व मिलने पर वे अधिक प्रभावी ढंग से अध्यापन कर सकेंगे। संघ ने आरोप लगाया कि सरकार लगातार शिक्षकों और कर्मचारियों की समस्याओं की अनदेखी कर रही है।
शिक्षकों की प्रमुख मांगें
रिक्त पदों पर नियुक्ति तुरंत की जाए। वेतन, पदोन्नति और वेतन आयोग की सिफारिशों का प्रभावी क्रियान्वयन किया जाए। वरिष्ठता और चयन श्रेणी मान्यता प्रक्रिया में आ रही बाधाएं दूर की जाए। पूर्णकालिक मान्यता और समान वेतन की मांगें मंजूर की जाए। सीएएस प्रक्रिया और अतिरिक्त समायोजन में हो रहे अन्याय को समाप्त किया जाए। विद्यालय और महाविद्यालय बंद करने की नीति तुरंत रोकी जाए। शिक्षा सेवक, विषय विशेषज्ञ और सीएचबी पर कार्यरत प्राध्यापकों को न्याय दिया जाए।
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आंदोलन की रूपरेख
प्रोटन संघ ने स्पष्ट किया कि लंबित मांगों के लिए आंदोलन चरणबद्ध तरीके से किया जाएगा। 22 मई को तहसीलदार और जिलाधिकारी को निवेदन दिया गया। 5 जून को जिला स्तर पर धरना आंदोलन होगा। 5 जुलाई को राज्यस्तरीय रैली निकाली जाएगी। महाराष्ट्र के 36 जिलों में यह आंदोलन तीन चरणों में चलाया जाएगा। निवेदन देते समय इकबाल शाहीद, योगेश जायले सहित अन्य पदाधिकारी उपस्थित थे।
