शिवनी एयरपोर्ट विस्तार परियोजना को मिली हरी झंडी, अकोला सांसद अनूप धोत्रे बोले- पूरा होगा चुनावी वादा
MP Anup Dhotre: महाराष्ट्र सरकार ने शिवनी हवाई अड्डे के रनवे विस्तार के लिए 22.24 हेक्टेयर भूमि अधिग्रहण और 189.53 करोड़ रुपये की मंजूरी दी है। इससे बड़े विमानों का संचालन संभव होगा।
- Written By: केतकी मोडक
प्रतीकात्मक तस्वीर (सोर्स - सोशल मिडिया)
Akola Shivani Airport Runway Expansion: शिवनी हवाई अड्डे के रनवे विस्तार परियोजना को बड़ी गति मिली है। महाराष्ट्र सरकार ने मंगलवार को रनवे की लंबाई 1400 मीटर से बढ़ाकर 1800 मीटर करने के लिए आवश्यक 22.24 हेक्टेयर भूमि के अधिग्रहण को प्रशासनिक एवं वित्तीय मंजूरी प्रदान कर दी है। इस परियोजना के लिए 189 करोड़ 53 लाख 48 हजार 354 रु. की स्वीकृति दी गई है।
इस संबंध में सांसद अनूप धोत्रे ने बताया कि उन्होंने चुनाव के दौरान शिवनी हवाई अड्डा शुरू कराने का वादा किया था और इसके लिए केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्रालय के समक्ष लगातार प्रयास किए।भूमि अधिग्रहण की मंजूरी मिलना शिवनी हवाई अड्डे के विकास का पहला महत्वपूर्ण चरण है। इस परियोजना के लिए अकोला पूर्व के विधायक रणधीर सावरकर ने राज्य सरकार स्तर पर लगातार पैरवी की।
486 भूधारकों की भूमि का होगा अधिग्रहण
संयुक्त मापन रिपोर्ट के अनुसार, रनवे विस्तार के लिए आवश्यक 22.24 हेक्टेयर क्षेत्र में कुल 486 भूधारक हैं, जिनकी भूमि शिवर राजस्व गांव में स्थित है। यह क्षेत्र वर्तमान में अकोला महानगरपालिका की सीमा में शामिल हो चुका है। इन 486 भूधारकों में से लगभग 472 गैर-कृषि भूखंड धारक हैं, प्रारंभिक स्तर पर भूमि को सीधे खरीद पद्धति से अधिग्रहित करने का विचार था, लेकिन इसमें कई व्यावहारिक कठिनाइयां सामने आई।
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सीधी खरीद प्रक्रिया में थीं कई बाधाएं
प्रत्येक भूधारक की सहमति प्राप्त करना, 30 वर्षों के राजस्व दस्तावेजों की जांच करना, प्रत्येक प्लॉटधारक की पहचान सुनिश्चित करना तथा सभी संबंधित मालिकों की व्यक्तिगत उपस्थिति आवश्यक थी। यदि किसी साझा भूखंड के एक भी मालिक की अनुपस्थिति रहती, तो खरीद प्रक्रिया पूरी नहीं हो सकती थी। इसके अलावा कई भूधारक स्थानीय निवासी नहीं हैं, जिससे समयबद्ध तरीके से उनसे संपर्क करना और प्रक्रिया पूरी करना कठिन माना गया।
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हवाई संपर्क को मिलेगा बढ़ावा
रनवे की लंबाई 1800 मीटर होने के बाद शिवनी हवाई अड्डे पर बड़े विमानों का संचालन संभव हो सकेगा। इससे विदर्भ क्षेत्र के हवाई संपर्क को मजबूती मिलेगी और अकोला के औद्योगिक, व्यापारिक तथा पर्यटन विकास को नई गति मिलने की उम्मीद है
