अकोला में स्कूलों की मनमानी पर रोक, अब विशिष्ट दुकानों से यूनिफॉर्म और किताबें खरीदने की अनिवार्यता खत्म
अकोला में स्कूलों द्वारा विशिष्ट दुकानों से किताबें और गणवेश खरीदने की बाध्यता पर शिक्षा विभाग ने रोक लगा दी है। मनीष गावंडे की शिकायत पर जारी इस आदेश से अभिभावकों को बड़ी राहत मिली है।
Akola School News: अकोला राज्य में कुछ अंग्रेजी माध्यम की स्टेट बोर्ड, सीबीएसई और आईसीएसई शालाओं में विद्यार्थियों को विशिष्ट दुकानों से पुस्तकें, गणवेश और अन्य शैक्षणिक सामग्री खरीदने के लिए बाध्य किया जा रहा था। अंग्रेजी शिक्षा के नाम पर अभिभावकों से आर्थिक लूट की शिकायत भारतीय जनता पार्टी ओबीसी मोर्चा, अकोला जिला ग्रामीण के जिलाध्यक्ष मनीष गावंडे ने राज्य के प्राथमिक एवं माध्यमिक शिक्षा संचालक के समक्ष की थी।
मनीष गावंडे ने कहा कि यह निर्णय अभिभावकों के हित में है और इससे शिक्षा क्षेत्र में सुधार होगा। विशिष्ट दुकानों से शैक्षणिक सामग्री खरीदने की अनिवार्यता समाप्त करने का यह आदेश शिक्षा क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण कदम है। इससे न केवल अभिभावकों को राहत मिलेगी बल्कि विद्यार्थियों को भी अपनी पसंद और सुविधा अनुसार सामग्री खरीदने का अवसर मिलेगा।
यह निर्णय शिक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता और न्याय सुनिश्चित करने वाला साबित होगा। शिकायत और आदेशशिकायत को गंभीरता से लेते हुए राज्य के प्राथमिक एवं माध्यमिक शिक्षा संचालक ने आदेश जारी किया है कि सभी निजी प्राथमिक एवं माध्यमिक शालाएँ विद्यार्थियों को गणवेश और अन्य शैक्षणिक सामग्री विशिष्ट दुकानों से खरीदने के लिए बाध्य न करें।
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आदेश में स्पष्ट कहा गया है कि यदि किसी शाला द्वारा ऐसी अनिवार्यता की शिकायत प्राप्त होती है तो संबंधित शाला पर कार्रवाई की जाएगी। इसके लिए शिक्षा उपसंचालक और शिक्षा अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं।
अभिभावकों को राहतइस आदेश से अंग्रेजी माध्यम की शालाओं के प्रबंधन की मनमानी पर अंकुश लगेगा और अभिभावकों को राहत मिलेगी। अब विद्यार्थियों और अभिभावकों को अपनी सुविधा अनुसार शैक्षणिक सामग्री खरीदने की स्वतंत्रता मिलेगी। इससे शिक्षा क्षेत्र में पारदर्शिता बढ़ेगी और अभिभावकों पर आर्थिक बोझ कम होगा।
भारतीय जनता पार्टी ओबीसी मोर्चा द्वारा उठाई गई इस समस्या पर राज्य सरकार ने संज्ञान लिया और आदेश जारी किया। इससे भाजपा के प्रयासों को सफलता मिली है।
