अकोला में दलित समाज का महामोर्चा, आरक्षण उपवर्गीकरण लागू करने की उठी मांग
Akola Adhikar Mahamorcha: अकोला में अनुसूचित जाति आरक्षण उपवर्गीकरण के समर्थन में न्याय अधिकार महामोर्चा निकाला गया। प्रदर्शनकारियों ने सरकार से फैसले को तत्काल लागू करने की मांग की।
Akola Rally (सोर्सः सोशल मीडिया)
Akola SC Reservation: अनुसूचित जाति आरक्षण के उपवर्गीकरण के समर्थन में मंगलवार को शहर में न्याय अधिकार महामोर्चा निकाला गया। अनुसूचित जाति आरक्षण उपवर्गीकरण समर्थन समिति, जिला अकोला के नेतृत्व में आयोजित इस मोर्चे में बड़ी संख्या में समाज के लोगों ने भाग लिया और महाराष्ट्र सरकार से सुप्रीम कोर्ट के निर्णय को तत्काल लागू करने की मांग की।
महामोर्चा स्वराज्य भवन से शुरू होकर जिलाधिकारी कार्यालय पहुंचा। जहां सभा आयोजित की गई। इसके बाद प्रतिनिधिमंडल ने अपनी विभिन्न मांगों का ज्ञापन प्रशासन को सौंपा। सभा को संबोधित करते हुए वक्ताओं ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट ने 1 अगस्त 2024 को अनु।जाति आरक्षण के उपवर्गीकरण के संबंध में ऐतिहासिक फैसला दिया था। इसके बाद देश के सभी राज्यों को इस निर्णय के अनुरूप कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए।
आरक्षण उपवर्गीकरण को लेकर प्रदर्शन
पंजाब, हरियाणा, कर्नाटक, तेलंगाना और आंध्र प्रदेश जैसे राज्यों में इस निर्णय को शांतिपूर्ण ढंग से लागू कर अनु। जातियों के आरक्षण का उपवर्गीकरण किया जा चुका है। अब महाराष्ट्र सरकार को भी इसी दिशा में कदम उठाकर सुप्रीम कोर्ट के आदेश का पालन करना चाहिए। आरक्षण का उपवर्गीकरण पूरी तरह संवैधानिक और न्यायपालिका द्वारा मान्य व्यवस्था है।
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सरकार से सुप्रीम कोर्ट के आदेश लागू करने की मांग
यह केवल कानूनी दृष्टि से ही नहीं बल्कि सामाजिक न्याय की दृष्टि से भी आवश्यक है। महामोर्चा का आयोजन परिमल कांबले, रामदास तायडे, ललित आंभोरे, प्रकाश तायडे, संजय धनाडे, उमेश लखन, बालकृष्ण गायकवाड़, अमर इंगले और संतोष चव्हाण ने किया।
