

Mumbai Uddhav Thackeray Emergency Meeting: मुंबई में महाराष्ट्र की राजनीति एक बार फिर गर्मा गई है। शिवसेना (यूबीटी) के कई नेताओं और सांसदों के लगातार पार्टी छोड़ने के बाद अब पार्टी प्रमुख उद्धव ठाकरे ने अपने आवास 'मातोश्री' में आपात बैठक बुलाई है। सूत्रों के मुताबिक यह बैठक मंगलवार को आयोजित हो सकती है। हालांकि बैठक का आधिकारिक एजेंडा अभी सार्वजनिक नहीं किया गया है, लेकिन इसे पार्टी के भीतर बढ़ती राजनीतिक चुनौतियों के बीच बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
जानकारी के अनुसार शाम को प्रस्तावित इस बैठक में पार्टी से नेताओं के लगातार हो रहे पलायन पर विस्तार से चर्चा होगी। साथ ही संगठन को मजबूत करने, कार्यकर्ताओं और जनप्रतिनिधियों का मनोबल बनाए रखने तथा भविष्य की राजनीतिक रणनीति तय करने पर विशेष जोर दिया जाएगा। पार्टी नेतृत्व उन कारणों की भी समीक्षा करेगा, जिनकी वजह से हाल के दिनों में कई नेताओं ने शिवसेना (यूबीटी) का साथ छोड़ा है।
बैठक में महाराष्ट्र विधानसभा के जारी मानसून सत्र के अंतिम सप्ताह के लिए विपक्ष की रणनीति भी तय किए जाने की संभावना है। सरकार को विभिन्न मुद्दों पर घेरने, सदन के भीतर पार्टी की भूमिका और विपक्षी दलों के साथ समन्वय जैसे विषयों पर भी चर्चा हो सकती है। पार्टी नेतृत्व चाहता है कि विधानसभा के भीतर और बाहर संगठन एकजुट नजर आए।
शिवसेना (यूबीटी) के सामने सबसे बड़ी चुनौती लगातार हो रहा दल-बदल है। हाल के दिनों में पार्टी के नौ सांसदों में से छह सांसद दूसरे खेमे में जा चुके हैं। इसके बाद से राजनीतिक गलियारों में यह चर्चा तेज हो गई है कि कुछ विधायक भी पाला बदल सकते हैं। हालांकि इस संबंध में पार्टी की ओर से कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है।
राज्य सरकार में मंत्री गुलाबराव पाटिल ने दावा किया है कि 'ऑपरेशन टाइगर 3.0' शुरू हो चुका है और करीब 14 विधायक उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाले शिवसेना गुट में शामिल हो सकते हैं। हालांकि शिंदे गुट के अन्य वरिष्ठ नेताओं ने ऐसे किसी भी अभियान से इनकार किया है। इन दावों और जवाबी बयानों के बीच उद्धव ठाकरे की आपात बैठक को राजनीतिक दृष्टि से बेहद अहम माना जा रहा है। आने वाले दिनों में इस बैठक के बाद पार्टी की रणनीति और संगठनात्मक फैसलों पर सभी की नजर रहेगी।