प्रतीकात्मक तस्वीर ( सोर्स: सोशल मीडिया )
Akola Maha-Online Server Down News: अकोला में डिजिटलाइजेशन की रफ्तार तेज़ होने के बावजूद ग्रामीण क्षेत्रों में खराब इंटरनेट कनेक्टिविटी डिजिटल इंडिया के सपने को अधूरा बना रही है। बार-बार इंटरनेट सेवा बाधित होना, नेटवर्क की समस्या और धीमी गति के कारण कैशलेस लेन-देन, सरकारी सेवाओं और डिजिटल साक्षरता पर गंभीर असर पड़ रहा है।
अकोला ज़िले के ग्रामीण इलाकों में इंटरनेट सुविधा मौजूद होने के बावजूद महा-ऑनलाइन सर्वर का बार-बार डाउन होना, नेट स्लो चलना, दस्तावेज स्कैन करते समय तकनीकी अड़चनें और पोर्टल का जटिल उपयोग नागरिकों को बार बार सेतू केंद्रों की ओर जाने पर मजबूर कर रहा है।
अधिक आवेदन आने पर सर्वर पर दबाव बढ़ने से वह बंद पड़ जाता है, जिससे विद्यार्थियों, किसानों और आम नागरिकों को भारी परेशानी होती है। ग्रामीण क्षेत्रों या सरकारी कार्यालयों में इंटरनेट की धीमी गति के कारण दस्तावेज़ अपलोड करना या फॉर्म सबमिट करना लगभग असंभव हो जाता है। कई बार महा-ऑनलाइन का सर्वर तकनीकी कारणों से बंद हो जाता है, जिससे ऑनलाइन आवेदन स्वीकार नहीं किए जाते।
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अकोला ज़िले मोबाइल से प्रमाणपत्र निकालते समय आवश्यक दस्तावेज़ स्कैन कर सही फ़ॉर्मेट में अपलोड करना भी तकनीकी दृष्टि से कठिन साबित होता है। इन सभी कारणों से ऑनलाइन सुविधा उपलब्ध होने के बावजूद नागरिकों को भरोसेमंद और सरल विकल्प के लिए सेतू केंद्रों के चक्कर लगाने पड़ते हैं। यदि सेतू केंद्र से प्रमाणपत्र समय पर न मिले तो शिकायत के लिए सूचना फलक पर दिए गए नंबर पर संपर्क करने की व्यवस्था है, लेकिन शिकायत दर्ज करने पर भी कोई कार्रवाई नहीं होती। इससे नागरिकों की समस्याएं और बढ़ जाती हैं।
सेतू सुविधा केंद्र के प्रबंधक वी. वानरे के अनुसार, इंटरनेट सुबह 11 बजे तक अत्यंत धीमा चलता है। एक प्रकरण सेव करने में आधा -आधा घंटा लग जाता है। बीएसएनएल की लाइन बेहद धीमी है। शाम सवा पांच से रात साढ़े आठ बजे तक भी यही समस्या बनी रहती है।