प्रतीकात्मक तस्वीर ( सोर्स: सोशल मीडिया)
Amravati Water Reservation News: उर्ध्व वर्धा सिंचन परियोजना का लाभक्षेत्र अमरावती एवं वर्धा जिलों में फैला हुआ है। परियोजना की दायीं व बायीं दोनों नहरों के माध्यम से रबी सत्र 2025-26 के लिए पानी छोड़ने की विस्तृत योजना तैयार की गई है।
अधीक्षक अभियंता मनीष राजभोज ने बताया कि रबी सत्र 2025-26 में कुल 31 हजार हेक्टेयर क्षेत्र में सिंचन का लक्ष्य तय किया गया है। अब तक तीन जल आवर्तन पूरे किए जा चुके हैं, जिनसे लगभग 10 हजार हेक्टेयर क्षेत्र में सिंचाई हो चुकी है। शेष दो जल आवर्तन मार्च 2026 तक पूर्ण करने की योजना है।
अमरावती में उर्ध्व वर्धा परियोजना की नहर सलाहकार समिति एवं जल आरक्षण संबंधी बैठक जिलाधिकारी आशिष येरेकर की अध्यक्षता में नियोजन भवन में संपन्न हुई। बैठक में वर्ष 2025-26 के लिए जल आवर्तन योजना एवं गैर-सिंचन जल आरक्षण पर विस्तार से चर्चा कर विभिन्न प्रस्तावों को मंजूरी दी गई।
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जिलाधिकारी येरेकर ने जल संसाधन एवं कृषि विभाग को आपसी समन्वय स्थापित कर ग्रीष्मकालीन फसलों के क्षेत्र में वृद्धि के लिए आवश्यक कदम उठाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि सभी लाभार्थियों तक निर्धारित समय पर पानी पहुंचे, इसके लिए प्रभावी नियोजन जरूरी है।
बैठक में वर्ष 2025-26 के लिए गैर-सिंचन जल आरक्षण को भी स्वीकृति दी गई। इसके अंतर्गत पेयजल हेतु 61.911 दलघमी, तापीय विघुत केंद्र के लिए 25.000 दलघमी तथा संभावित औद्योगिक उपयोग के लिए 2.50 दलघमी, कुल 89.411 दलघमी पानी आरक्षित किया गया है।
गैर-सिंचन जल आपूर्ति योजनाओं की बकाया राशि अधिक होने पर जिलाधिकारी ने संबंधित विभागों को मार्च 2026 से पहले वसूली सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
बैठक में विधायक दादाराव केचे वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से शामिल हुए। इस अवसर पर उर्ध्व वर्धा परियोजना के कार्यकारी अभियंता अनिकेत सावंत, जिला कृषि अधिकारी राहुल सातपुते, महाबीज के जिला प्रबंधक एस.पी. देशमुख तथा कार्यकारी अभियंता अमोल गुरव उपस्थित थे।