Akola News: अकोला पुलिस की मुहिम रंग लाई, छह महीनों में जानलेवा सड़क हादसों में बड़ी गिरावट
Akola Road Safety: अकोला जिले में सड़क सुरक्षा उपायों का सकारात्मक असर दिखाई दिया है। वर्ष 2026 के पहले छह महीनों में प्राणघातक सड़क दुर्घटनाओं में 23.42 प्रतिशत की कमी दर्ज की गई।
- Written By: आंचल लोखंडे
सड़क दुर्घटना नियंत्रण- फाइल फोटो (सोर्सः सोशल मीडिया)
Akola Road Accidents:अकोला जिले में सड़क सुरक्षा को लेकर पुलिस और जिला सड़क सुरक्षा समिति द्वारा किए गए लगातार प्रयासों का सकारात्मक परिणाम सामने आया है। वर्ष 2026 के पहले छह महीनों में जिले में प्राणघातक सड़क दुर्घटनाओं में 23.42 प्रतिशत की उल्लेखनीय कमी दर्ज की गई है। इसी उपलब्धि के साथ अकोला महाराष्ट्र के उन तीन अग्रणी जिलों में शामिल हो गया है, जहां घातक सड़क हादसों में सबसे अधिक कमी आई है। यह सफलता प्रशासन, पुलिस, विभिन्न विभागों और नागरिकों के सामूहिक प्रयासों का परिणाम मानी जा रही है।
जिले में सड़क सुरक्षा उपायों को प्रभावी ढंग से लागू करने के कारण वर्ष 2026 के जनवरी से जून माह के दौरान प्राणघातक सड़क दुर्घटनाओं में उल्लेखनीय कमी दर्ज की गई है। पिछले वर्ष इसी अवधि में जिले में 111 घातक सड़क दुर्घटनाएं हुई थीं, जबकि इस वर्ष यह संख्या घटकर क 85 रह गई है। यानी जिले में 23.42 प्रश के की कमी दर्ज की गई है। यह उपलब्धि न केवल अकोला जिले के लिए बल्कि पूरे राज्य के लिए एक अनुकरणीय उदाहरण बनकर सामने आई है।
अकोला में सड़क हादसों में 23.42% कमी
राज्य स्तर पर घातक दुर्घटनाओं में कमी लाने वाले शीर्ष तीन जिलों में अकोला का नाम शामिल होने से जिला पुलिस और प्रशासन की कार्यप्रणाली की सराहना की जा रही है। जिलाधिकारी एवं जिला सड़क सुरक्षा समिति की अध्यक्ष के नेतृत्व तथा पुलिस अधीक्षक के मार्गदर्शन में समिति के सभी सदस्य, पुलिस विभाग, राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण, सार्वजनिक निर्माण विभाग और अन्य संबंधित एजेंसियों ने संयुक्त रूप से सड़क सुरक्षा संबंधी योजनाओं की नियमित समीक्षा की।
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घातक दुर्घटनाएं घटकर 85 पर पहुंचीं
बैठकों में लिए गए निर्णयों पर लगातार अमल किया गया और दुर्घटना संभावित स्थानों पर आवश्यक सुधार कार्यों को प्राथमिकता दी गई। इसी समन्वित प्रयास का परिणाम है कि जिले में घातक दुर्घटनाओं में उल्लेखनीय गिरावट आई।
कई सुरक्षा उपाय लागू
विशेष रूप से मांजरसुबा घाट में लगातार हो रही दुर्घटनाओं को गंभीरता से लेते हुए पुलिस अधीक्षक ने स्वयं संबंधित विभागों के अधिकारियों के साथ स्थल निरीक्षण किया। वहां सड़क सुरक्षा संबंधी आवश्यक सुधार, संकेतक, चेतावनी बोर्ड तथा अन्य तकनीकी उपाय लागू कराए गए। इन सुधारों के बाद उस स्थान पर एक भी प्राणघातक दुर्घटना नहीं हुई, इसके अलावा 20 अप्रैल को बालापुर थाना क्षेत्र के चान्नी फाटा, बाभुलगांव फाटा, भिकुंड नदी पुल, अकोला नाका, वाचाही पुल, खामखेड फाटा सहित अन्य दुर्घटना संभावित स्थानों का निरीक्षण कर राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण और लोक निर्माण विभाग को आवश्यक सुधार कार्यों के निर्देश दिए गए, जिन पर कार्य जारी है।
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घातक सड़क दुर्घटनाओं में दर्ज हुई कमी
पुलिस अधीक्षक के निर्देशन में जिले के सभी पुलिस थानों को दुर्घटना नियंत्रण के लिए विशेष कार्ययोजना सौंपी गई। प्रत्तिदिन शाम 6 बजे से रात 2 बजे तक दो-दो स्थानों पर विशेष सतर्क नाकाबंदी की जा रही है। इस दौरान बिना नंबर प्लेट वाले वाहन, ट्रिपल सीट, शराब पीकर वाहन चलाने वाले चालकों तथा यातायात नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ लगातार कार्रवाई की जा रही है। सड़क सुरक्षा बढ़ाने के लिए रंबल ट्रिप, स्पीड ब्रेकर, रोड मार्किंग, ब्लिंकर, कैट-आई, सोलर रिफ्लेक्टर युक्त बैरिकेड और पुलिसकर्मियों के लिए शोल्डर ब्लिंकर जैसी आधुनिक व्यवस्थाओं का उपयोग भी किया जा रहा है।
