

Akola Agriculture Scheme Review: शासन की विभिन्न योजनाओं की जानकारी और लाभ अंतिम किसान तक पहुंचना चाहिए। आपदा सहायता से संबंधित प्रकरण तुरंत निपटाए जाएं, उन्हें लंबित नहीं रखा जाना चाहिए, ऐसे निर्देश दिवंगत वसंतराव नाईक खेती स्वावलंबन मिशन के अध्यक्ष एड. नीलेश हेलोंडे पाटिल ने दिए। जिलाधिकारी कार्यालय में कृषि योजनाओं की समीक्षा बैठक आयोजित की गई।
अध्यक्षता एड. नीलेश हेलोंडे पाटिल ने की। बैठक में जिलाधिकारी वर्षा मीणा, जि.प. मुख्य कार्यकारी अधिकारी अनय नावंदर, निवासी उप जिलाधिकारी गजेंद्र मालठाणे, उप जिलाधिकारी रोगायो विजय पाटिल, कृषि अधीक्षक मुरलीधर इंगले, महाबीज महाव्यवस्थापक संजय गरकल, जि. ग्रामीण विकास यंत्रणा प्रकल्प संचालक दिगंबर लोखंडे सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी आदि उपस्थित थे। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि आत्महत्याग्रस्त किसान परिवारों को समय पर सहायता देना प्रशासन की सामूहिक जिम्मेदारी है।
परियोजना के अंतर्गत शुरू की गई टोलफ्री हेल्पलाइन 14416 की जानकारी प्रत्येक किसान तक पहुंचाई जाए। आत्महत्याग्रस्त गांवों में स्वास्थ्य विभाग द्वारा गृहभेट और समुपदेशन को प्राथमिकता दी जाए।
खरीफ मौसम फसल कर्ज वितरण का 100 लक्ष्य पूरा किया जाए। दुग्ध व्यवसाय और पशुपालन को बढ़ावा देने हेतु एकात्मिक चारा रोपाई नियोजन किया जाए। गोपीनाथ मुंडे किसान दुर्घटना बीमा योजना, महाडीबीटी अर्ज प्रक्रिया, वन्यप्राणियों से फसल नुकसान भरपाई जैसी योजनाओं की जानकारी अधिकाधिक किसानों तक पहुंचाई जाए। वन्यप्राणियों से फसल नुकसान भरपाई प्रकरणों को निपटाने के लिए विभागों में समन्वय किया जाए आदि निर्देश बैठक में दिए है।
इस अवसर पर जिलाधिकारी वर्षा मीणा ने बताया कि आत्महत्याग्रस्त किसान परिवारों के लिए संवाद, समुपदेशन और मार्गदर्शन उपक्रम शुरू किया गया है। हर तीन महीने में जिलाधिकारी कार्यालय में आत्महत्याग्रस्त किसान परिवारों के साथ संवाद व समुपदेशन कार्यक्रम आयोजित होगा। यह उपक्रम किसानों को मानसिक आधार देने और शासन की योजनाओं का लाभ प्रभावी रूप से पहुँचाने में सहायक होगा।