अकोला मई माह में धार्मिक पर्वों की धूम, बुद्ध पूर्णिमा से होगी शुरुआत और मलमास की पूर्णिमा पर होगा समापन
Akola May Festivals: अकोला में मई का महीना धार्मिक दृष्टि से विशेष रहेगा। बुद्ध पूर्णिमा से शुरू होकर यह माह मलमास की पूर्णिमा पर समाप्त होगा, जिसमें वट सावित्री और गंगा दशहरा जैसे मुख्य पर्व आएंगे।
मई माह में धार्मिक पर्वों (फोटो-सोशल मीडिया)
Akola Buddha Purnima: अकोला में मई का महीना धर्मावलंबियों के लिए खास रहेगा। इस महीने की शुरुआत 1 मई को वैशाख पूर्णिमा बुद्ध पूर्णिमा से होगी और समापन भी 31 मई को मलमास की पूर्णिमा पर होगा। मई का महीना धार्मिक दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण है। पूर्णिमा से आरंभ होकर पूर्णिमा पर समाप्त होने वाला यह महीना श्रद्धालुओं के लिए पुण्यकारी पर्वों और व्रतों से परिपूर्ण रहेगा।
1 मई को बुद्ध पूर्णिमा है। इस दिन स्वाति नक्षत्र और सिद्धि योग में स्नानदान का विशेष महत्व रहेगा। श्रद्धालु हरिद्वार, काशी और गंगा नदी में स्नान कर दानपुण्य करेंगे। कूर्म जयंती और बुद्ध जयंती भी इसी दिन मनाई जाएगी। वैशाख पूर्णिमा को जल से भरा घट, तिल, घी, स्वर्ण, अन्न, मौसमी फल, वस्त्र, छाता आदि का दान पुण्यकारी माना गया है।
श्रद्धालु स्नानदान, श्रीहरि विष्णु की पूजाअर्चना, लक्ष्मी नारायण भगवान को खीर का भोग, इत्र अर्पण, घी के दीपक से आरती, शांति पाठ और चंद्र दोष से मुक्ति के लिए जप, हवन व दान करेंगे। 16 मई को वट सावित्री पूजा ज्येष्ठ कृष्ण अमावस्या में भरणी और कृत्तिका नक्षत्र के संयोग तथा शनिश्चरी अमावस्या के पुण्यकारी योग में होगी।
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इस व्रत से सुहागिनों को अखंड सौभाग्य, पति की दीर्घायु, उत्तम स्वास्थ्य, वंश वृद्धि और दांपत्य जीवन में सुखशांति प्राप्त होती है। 26 मई को गंगा दशहरा मलमास ज्येष्ठ शुक्ल दशमी में उत्तरा फाल्गुनी नक्षत्र और रवियोग में मनाया जाएगा। वराह पुराण के अनुसार इसी दिन मां गंगा का पृथ्वी पर अवतरण हुआ था। इस दिन गंगा स्नान और दान से दस महापातकों से मुक्ति मिलती है।
मई के प्रमुख व्रत त्यौहार माह त्यौहार
- 1 मई बुद्ध पूर्णिमा
- 3 मई नारद जयंती
- 13 मई अपरा एकादशी
- 16 मई वट सावित्री पूजा
- 17 मई मलमास आरंभ
- 26 मई गंगा दशहरा
- 27 मई कमला एकादशी
- 30 मई व्रत की पूर्णिमा
- 31 मई स्नानदान की पूर्णिमा।
