भारी बारिश से अकोला को मिली राहत, नदियों का बढ़ा जलस्तर, काटेपूर्णा बांध के खोले गए 2 गेट
Katepurna Dam: अकोला जिले में स्थित काटेपूर्णा बांध में भारी बारिश के कारण जलस्तर बढ़ गया है। इसके कारण काटेपूर्णा बांध के दो गेट 60 सेमी तक खोले गए है।
- Written By: प्रिया जैस
काटेपूर्णा बांध (सौजन्य-नवभारत)
Akola News: अकोला जिले के सभी क्षेत्रों में इस वर्ष पिछले वर्ष की तुलना में कुछ अधिक बारिश दर्ज की गयी है। जिले भर में अब तक 558.6 मिमी बारिश दर्ज की गयी है। इसी तरह जिले की अकोट तहसील में अब तक 607.9 मिमी बारिश दर्ज हुई है इसी तरह तेल्हारा तहसील में 513.0 मिमी, बालापुर तहसील में 504.1 मिमी, पातुर तहसील में 642.2 मिमी, अकोला तहसील में 508.3 मिमी, बार्शीटाकली तहसील में 555.1 मिमी, मुर्तिजापुर तहसील में 620.5 मिमी बारिश हुई है।
इस तरह जिले की सभी तहसीलों में समुचित बारिश हुई है। कुछ-कुछ क्षेत्रों में अतिवृष्टि होने के कारण खरीफ फसलों का भारी नुकसान भी हुआ है। कुछ बांध पूरी तरह भर गये हैं। वैसे सभी बांधों का जलस्तर काफी बढ़ गया है। इस तरह जिले भर में पानी की समस्या पूरी तरह हल हो गयी है। सिंचाई के समुचित साधन नहीं है लेकिन काटेपूर्णा और वान बांध में सिंचाई के लिए भी कुछ पानी आरक्षित किया गया है।
काटेपूर्णा बांध में भरा 96 प्रतिशत पानी
जिले भर में अगस्त माह में बहुत अधिक बारिश हुई है जिसमें चार राजस्व मंडलों में बहुत अधिक बारिश होने के कारण फसलों का काफी नुकसान हुआ है। कुछ क्षेत्रों में तो बादल फटने के समान भी बारिश हुई है। इसी माह में जिले के सभी जल प्रकल्पों में जलस्तर तेजी से बढ़ा है। जानकारी के अनुसार अकोला शहर में जलापूर्ति करने वाले बार्शीटाकली तहसील में आनेवाले महान गांव में स्थित काटेपूर्णा बांध में 96.07 प्रश जल भंडारण हो गया है।
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रविवार की सुबह 11 बजे से काटेपूर्णा बांध के दो गेट 60 सेमी खोले गए हैं। जिसमें से 96.11 क्यूमेक्स पानी का विसर्ग नदी के पात्र में किया जा रहा है। नदी के किनारे रहनेवालों को प्रशासन द्वारा सावधानी का इशारा दिया गया है। आसपास के किसानों को काटेपूर्णा बांध से सिंचाई के लिए भी पानी उपलब्ध करवाया जाएगा।
सिंचाई को लेकर किसानों में उम्मीद
किसानों को उम्मीद है कि इस बार रबी की फसलों के लिए सिंचाई हेतु कुछ पानी उपलब्ध हो सकेगा। जानकारी के अनुसार तेल्हारा तहसील में स्थित वान प्रकल्प में 87.71 प्रश जल भंडारण हो गया है। इसी तरह अकोट तहसील में स्थित पोपटखेड़ बांध के 2 गेट 5 सेमी खोले गए हैं जिसमें से 222.454 क्यूमेक्स पानी छोड़ा जा रहा है।
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इसी तरह मुर्तिजापुर तहसील में स्थित उमा प्रकल्प में 71.97 प्रश इसी तरह पातुर तहसील में स्थित मोर्ना और निर्गुणा प्रकल्प शत प्रतिशत भर गए है। इसी तरह बार्शीटाकली तहसील में स्थित दगड़पारवा प्रकल्प में 67.41 प्रश जलभंडारण हो गया है। इन प्रकल्पों में धीरे धीरे जलस्तर बढ़ता जा रहा है। जिले में करीब 24 लघु प्रकल्प हैं।
