अकोला में छापेमारी (सौजन्य-नवभारत)
Commercial Misuse of LPG: खाड़ी देशों में जारी युद्ध का असर अब घरेलू गैस सिलेंडरों की उपलब्धता पर भी दिखाई देने लगा है। सिलेंडरों की काला बाजारी बढ़ने के साथ ही घरेलू सिलेंडरों का व्यावसायिक उपयोग होटलों, ढाबों, चाय की दूकान और कैटरिंग सेवाओं में किया जा रहा है। यह उपयोग न केवल अवैध है बल्कि असुरक्षित भी है।
इसी पृष्ठभूमि में जिला आपूर्ति कार्यालय के पथक ने व्यापक छापेमारी अभियान चलाकर कार्रवाई की। जिले की 6 गैस एजेंसियों और 68 प्रतिष्ठानों की जांच की गई। इनमें से 5 व्यावसायिक प्रतिष्ठानों पर नियमों का उल्लंघन पाए जाने पर कार्रवाई की गई। इस दौरान कुल 30 घरेलू सिलेंडर जब्त किए गए।
शहर में दो ठिकानों से 23 सिलेंडर और अकोट शहर में तीन ठिकानों से 7 सिलेंडर जब्त किए गए। यह कार्रवाई जिला आपूर्ति अधिकारी रविंद्र येन्नावार के मार्गदर्शन में अर्चना निमजे, आनंद गुप्ता, विश्वजीत लिंगायत, विनित टाले, अंजलि घरडे, अंजलि खावरे और शीतल मोरखडे ने की।
सरकार ने हाल ही में व्यावसायिक गैस सिलेंडरों का नियमित वितरण बंद कर दिया है। अब यह केवल अत्यावश्यक सेवाओं के लिए ही उपलब्ध रहेगा। इसी कारण घरेलू सिलेंडरों की बुकिंग न होने की शिकायतें बढ़ रही हैं।
वर्तमान में विवाह समारोहों का मौसम होने से नागरिकों की परेशानी और अधिक बढ़ गई है। जिले में कुल 34 गैस एजेंसियां हैं, जिनके अंतर्गत 3 लाख 98 हजार 349 नियमित ग्राहक और 1 लाख 38 हजार 363 उज्ज्वला योजना के लाभार्थी हैं।
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