Akola Dengue Control News: अकोला महानगरपालिका की स्थायी समिति के सभापति विजय अग्रवाल ने मलेरिया विभाग की समीक्षा बैठक आयोजित की। इस बैठक में विभाग की कार्यप्रणाली पर गंभीर चर्चा हुई और कई कमियों की ओर ध्यान आकर्षित किया गया। स्थायी समिति सभापति विजय अग्रवाल ने स्पष्ट किया कि मलेरिया विभाग की लापरवाही अब बर्दाश्त नहीं की जाएगी और प्रशासन को सख्त कदम उठाने होंगे ताकि शहर में फैल रहे मच्छरों और संभावित रोगों पर नियंत्रण पाया जा सके।
पिछली बैठक में मलेरिया विभाग को 20 कर्मचारी बढ़ाने, डस्टिंग पंप खरीदने, आवश्यक फर्नीचर उपलब्ध कराने तथा कार्यप्रणाली का नया नियोजन करने के निर्देश दिए गए थे। साथ ही शहर में मच्छरों की बढ़ती संख्या को देखते हुए डेंगू, चिकनगुनिया, मलेरिया और अन्य रोग फैलने की संभावना पर तात्कालिक कार्रवाई करने की सूचना दी गई थी। लेकिन मंगलवार की बैठक में यह स्पष्ट हुआ कि विभाग ने इन निर्देशों पर कोई ठोस कार्यवाही नहीं की।
विभाग में कुल 16 कर्मचारी कार्यरत हैं, जिनमें से 3 दिव्यांग और 2 कर्मचारी लगातार अनुपस्थित पाए गए। इन पर भी कोई प्रशासनिक कार्रवाई नहीं की गई। जब इस विषय पर डॉ. पहुरकर से जानकारी मांगी गई तो उन्होंने समयाभाव का हवाला देकर टालमटोल किया। सभापति अग्रवाल ने इसे प्रशासनिक दृष्टि से अनुचित बताते हुए उनके विरुद्ध तात्कालिक कार्रवाई करने और उनके पास से वैद्यकीय अधिकारी का पदभार हटाने के निर्देश दिए। उन्होंने आगे कहा कि अनुभवी अधिकारी डॉ. अविनाश सोनोने को MOH (वैद्यकीय अधिकारी तथा निबंधक) और डॉ. अनुप चौधरी को AMOH (अतिरिक्त वैद्यकीय अधिकारी) का पदभार दिया जाए। वहीं शीतल चव्हाण को उपनिबंधक पद पर नियुक्त करने का सुझाव रखा।
मलेरिया विभाग के कर्मचारियों की लगातार अनुपस्थिति को गंभीर मानते हुए सभापति ने उनके विरुद्ध निलंबन की कार्यवाही करने का आदेश दिया। साथ ही पर्यवेक्षक प्रकाश बामनेट और प्र। लिपिक प्रकाश राठोड को काम में लापरवाही बरतने के कारण कारण बताओ नोटिस जारी करने के निर्देश दिए। उनका कहना था कि इस प्रकार की सख्त प्रशासनिक कार्रवाई से विभागीय कार्य में गति आएगी और जनता को राहत मिलेगी। इस बैठक में नगरसेवक सिद्धार्थ उपरवट, मनपा उपायुक्त विजय पारतवार, मलेरिया विभाग के डॉ. नितिन गायकवाड, डॉ. अनुप चौधरी, डॉ. विजय चव्हाण सहित विभागीय कर्मचारी उपस्थित थे।