अकोला न्यूज
Akola Municipal Council Election: अकोला जिले में पांच नगर पालिकाओं तथा एक नगर पंचायत का चुनाव होने जा रहा है। इसमें राजनीतिक पार्टियों के वरिष्ठ नेताओं तथा मुख्य रूप से विधायकों पर नगराध्यक्ष और पार्षदों को चुन कर लाने की जिम्मेदारी डाल दी गयी है। भाजपा ने नगराध्यक्ष और पार्षद पद हेतु अपने उम्मीदवार घोषित कर दिए हैं। इस तरह भाजपा का किसी पार्टी के साथ गठबंधन अब नहीं होगा ऐसा चित्र दिखाई दे रहा है।
मुर्तिजापुर नगर परिषद में पिछले कार्यकाल में नगराध्यक्ष पद भाजपा के पास था इसी तरह भाजपा के 8 पार्षद, राकां के 5, वीबीए के 4, कांग्रेस का 1, शिवसेना के 5 तथा निर्दलीय 2 पार्षद थे। इसी तरह इसी चुनाव क्षेत्र में आनेवाली बार्शीटाकली नगर पंचायत में नगराध्यक्ष पद कांग्रेस के पाथ था। कांग्रेस के 6 पार्षद, वीबीए के 6, भाजपा के 2 तथा निर्दलीय 3 पार्षद थे।
अब मुर्तिजापुर नगर परिषद के साथ साथ बार्शीटाकली नगर पंचायत की जिम्मेदारी मुर्तिजापुर के भाजपा विधायक हरीश पिंपले पर भाजपा संगठन ने डाली है। इसी तरह अन्य राजनीतिक पार्टियों के नेता भी चुनाव में सक्रिय हो गए हैं।
बालापुर में नगराध्यक्ष पद कांग्रेस के पास था, यहां कांग्रेस के 17 पार्षद तथा परिवर्तन पैनल के 8 पार्षद थे। बालापुर से शिवसेना उबाठा के नितिन देशमुख विधायक हैं। बालापुर में मित्र पार्टियों तथा कांग्रेस ने नगराध्यक्ष पद के लिए उम्मीदवार खड़ा किया है। शिवसेना उबाठा ने सदस्य पद हेतु 7 प्रत्याशी खड़े किए हैं। विधायक नितिन देशमुख अपने स्तर पर चुनाव में लगे हैं।
अकोट विस क्षेत्र से भाजपा के प्रकाश भारसाकले विधायक हैं। भाजपा संगठन ने इन पर अकोट, तेल्हारा व हिवरखेड़ इन तीन नगर परिषदों की जिम्मेदारी डाली है। हिवरखेड़ में गठन के बाद पहली बार नगर परिषद के चुनाव होने जा रहे हैं। इसी तरह अकोट नगर परिषद, तेल्हारा नगर परिषद में भाजपा की सत्ता थी।
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अब अकोट, तेल्हारा तथा हिवरखेड़ इन तीनों नगर परिषदों की जिम्मेदारी भाजपा संगठन ने विधायक प्रकाश भारसाकले पर डाली है। इसी तरह अन्य राजनीतिक पार्टियां भी जोर लगा रही हैं। अकोट में पहले नगराध्यक्ष पद के साथ साथ भाजपा के 17 पार्षद, शिवसेना के 3, कांग्रेस के 9, राकां का 1, वीबीए के 3 तथा प्रहार का 1 पार्षद था।
देखा जाए तो नगर परिषदों तथा नगर पंचायत के होने जा रहे चुनाव में सभी पार्टियों के नेताओं और मुख्य रूप से विधायकों की जिम्मेदारियां काफी बढ़ गयी हैं और सभी विधायक अपने अपने तरीके से अपने कार्य में लग गए हैं। इस तरह जिले भर में राजनीतिक सरगर्मियां तेज हो गई हैं।