Akola Municipal Corporation News: अकोला महानगरपालिका का वित्तीय वर्ष 2025-26 का कर वसूली लक्ष्य 284.36 करोड़ रुपये था, लेकिन अब तक केवल 80.32 करोड़ रुपये ही वसूले गए हैं। परिणामस्वरूप लगभग 204.04 करोड़ रुपये का संपत्ति कर बकाया रह गया है।
सामान्य कर की मांग 102.66 करोड़ थी, जबकि वसूली मात्र 41.71 करोड़ रुपये हुई है। कर भुगतान में मंदी के कारण मनपा की आर्थिक स्थिति पर गंभीर दबाव बना हुआ है। मनपा प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि संपत्ति कर ही उसका मुख्य आर्थिक स्रोत है।
यदि नागरिक समय पर कर भरें तो शहर में कई सुविधाएं उपलब्ध कराई जा सकती हैं। आयुक्त डा. सुनील लहाने ने चेतावनी दी है कि कर न भरने वालों की सूची सार्वजनिक की जाएगी और जब्ती की कार्रवाई भी की जाएगी।
आर्थिक वर्ष समाप्त होने में केवल 15 दिन शेष हैं। लक्ष्य पूरा करने के लिए मनपा ने अभय योजना लागू की है और कई स्थानों पर संपत्तियों को सील करने की कार्रवाई भी की जा रही है। हाल ही में आयोजित दो दिवसीय कर वसूली शिविर में 20 प्रभागों के 48 स्थानों पर कर वसूला गया।
इसमें शनिवार को 43 लाख और रविवार को 44 लाख रुपये, इस तरह कुल मिलाकर 87 लाख रुपये का कर वसूला गया।
मनपा क्षेत्र में हजारों संपत्तियों का पंजीकरण अब तक नहीं हुआ है, जिससे करोड़ों रुपये का राजस्व हाथ से निकल रहा है। इसके अलावा शहर की 119 निजी स्कूलों पर भी करोड़ों रुपये का संपत्ति कर बकाया है।
कर विभाग ने इनमें से कुछ संस्थानों को जब्ती नोटिस भेजे हैं। स्कूल संचालक कर माफी की मांग कर रहे हैं, लेकिन अब तक कोई समाधान नहीं निकला है।
कर विभाग के कर्मचारियों की छुट्टियां रद्द कर दी गई हैं। उन्हें रोजाना 50 से 55 घरों पर जाकर कर वसूली करने और उसकी रिपोर्ट उपायुक्त विजय पारतवार को देने का निर्देश दिया गया है।
इस तरह मनपा की आर्थिक स्थिति संभालने के लिए कर वसूली पर जोर दिया जा रहा है। लेकिन नागरिकों के सहयोग के बिना लक्ष्य पूरा करना कठिन है।