अकोला प्रतिकात्मक सभा में शामिल पार्षद (सौजन्य-नवभारत)
Suspended Corporators Akola: अकोला मनपा की आम सभा शुक्रवार को आयोजित की गयी थी। जिसमें कई महत्वपूर्ण प्रस्ताव पारित किए गए। स्थायी समिति के सभापति विजय अग्रवाल ने बताया कि शहर के सभी सार्वजनिक शौचालयों का नवीनीकरण, इसी तरह शहर विकास के लिए विशेष निधि का प्रस्ताव सरकार को भेजा।
इसी तरह नगरोत्थान और पिछड़ा वर्गीय बस्ती के विकास के लिए ढाई करोड़ का नियोजन और अकोला मनपा (Akola) के पास जो जमीनें हैं नियमानुसार उसका विकास करना तथा वहां कमर्शियल इमारतों के निर्माण हेतु योजना बनाना जिससे मनपा को आमदनी हो सके और शहर का विकास तेजी से हो जैसे कई महत्वपूर्ण प्रस्ताव पारित किए गए।
इस सभा में महापौर शारदा खेडकर, उप महापौर अमोल गोगे, मनपा आयुक्त डा. सुनील लहाने, अतिरिक्त आयुक्त सुमेध अलोणे, शहर अभियंता नीला वंजारी, नगर सचिव अमोल डोईफोडे, अजय गूजर, संदीप गावंडे, जनसंपर्क अधिकारी भरत शर्मा आदि प्रमुखता से उपस्थित थे।
भीषण गर्मी और धूप में विरोधी पार्टी द्वारा मनपा के सभागृह के बाहर टेंट लगाकर प्रतिकात्मक आम सभा ली गयी। यह उल्लेखनीय है कि, पिछली आम सभा में मनपा के 16 सदस्यों को निलंबित किया गया था। शुक्रवार को आयोजित सभा से पहले वीबीए के पार्षद सुनील इन्नाणी ने महापौर से निवेदन किया कि, जिन पार्षदों को निलंबित किया गया है उनका निलंबन वापस लिया जाए।
विरोध प्रकट करते हुए विरोधी पक्ष नेता डा. जीशान हुसैन व अन्य (सौजन्य-नवभारत)
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हम सभी शहर के विकास में पूरा सहयोग देंगे। लेकिन इसके बावजूद इनकी बात अनसुनी कर दी गयी। जिसके पश्चात सभागृह के बाहर सभी निलंबित 16 पार्षद तथा सभी विरोधी पार्टियों ने मिलकर टेंट लगाया और वहां सभा आयोजित की। इस प्रतिकात्मक सभा में नगरसेवक सुनील इन्नाणी, नीलेश देव, पराग गवई, जयश्री बहादुरकर, आकाश कवड़े, गुड्ड पठान, मो. फजलू, निलोफर खान के साथ साथ अन्य पार्षद उपस्थित रहे।
मनपा के विरोधी पक्ष नेता डा. जीशान हुसैन ने सत्ताधारियों पर आरोप लगाते हुए कहा कि, विरोधी पार्टी के 16 पार्षदों को पिछली आम सभा में निलंबित किया गया है। देखा जाए तो यह एक प्रकार से लोकतंत्र पर कुठाराघात है। उस पर आज आयोजित आम सभा में सत्ताधारी पार्टी ने जो प्रस्ताव पास किए हैं उसमें एक प्रकार से मनपा की मालकी की जमीनें बेचने का षड्यंत्र है।