भाजपा-कांग्रेस (सौजन्य-सोशल मीडिया)
Co-opted Members Akola: अकोला मनपा में कुल 80 पार्षद हैं, उस अनुसार विभिन्न पार्टियों के 8 स्वीकृत सदस्यों के नामों की घोषणा सोमवार 9 मार्च को मनपा में आयोजित विशेष सभा में होगी। सभी पार्टियों ने अपने अपने स्वीकृत सदस्यों के नाम चुनाव अधिकारी को दे दिए हैं। जिनकी विधिवत घोषणा सोमवार को होगी। जिसमें भाजपा के 3, शहर सुधार समिति का 1, कांग्रेस के 2, शिवसेना उबाठा का 1, वीबीए के 1 स्वीकृत सदस्य का समावेश रहेगा।
भाजपा ने पूर्व पार्षद एड।गिरीश गोखले इसी तरह एड।देवाशीष काकड तथा भाजपा की सक्रिय महिला कार्यकर्ता चंदा शर्मा का चयन किया है। भाजपा ने एड।गिरीश गोखले तथा चंदा शर्मा को मनोनित करने से ब्राम्हण समाज में हर्ष की लहर देखी गयी है। इसी तरह एड. देवाशीष काकड भी भाजपा के महानगर के महासचिव हैं। इसी तरह शहर सुधार समिति से पूर्व उप महापौर सुनील मेश्राम को मनोनित किया जा रहा है।
कांग्रेस की ओर से जिला युवक कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष आकाश कवड़े तथा कांग्रेस के सक्रिय कार्यकर्ता गुड्डू पठान का नाम तय किया गया है।
वंचित बहुजन आघाड़ी ने गृह निर्माण क्षेत्र के सक्रिय व्यवसायी सुनील इन्नाणी का नाम तय किया है। शिवसेना उबाठा ने शंकर लंगोटे का चयन किया है। सोमवार को मनपा की विशेष सभा में विभिन्न पार्टियों द्वारा मनोनित किए गए स्वीकृत सदस्यों के नामों की घोषणा होगी।
कांग्रेस में इस समय असंतोष देखा जा रहा है। स्वीकृत सदस्यों के नामों की घोषणा के बाद कांग्रेस पार्टी के सक्रिय कार्यकर्ता तथा महानगर कांग्रेस के पदाधिकारी कपिल रावदेव तथा सोमेश डिगे ने कांग्रेस पार्टी की सदस्यता से त्यागपत्र दे दिया है।
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इस बारे में प्रदेश कांग्रेस कमेटी के भूतपूर्व सचिव तथा प्रदेश कांग्रेस शिक्षक सेल के पदाधिकारी प्रकाश तायड़े तथा कांग्रेसी नेता अविनाश देशमुख का कहना है कि, पिछले दिनों प्रदेश कांग्रेस की बैठक में एक निर्णय लिया गया था कि, मनपा चुनाव में पराजित होने वाले कांग्रेस प्रत्याशियों को स्वीकृत सदस्य के रूप में मनोनित न किया जाए। जबकि देखा जाए तो उस निर्णय पर अमल नहीं किया गया है।
कांग्रेस ने मनपा में स्वीकृत सदस्य के रूप में आकाश कवड़े का नाम तय किया है। जबकि मनपा चुनाव में आकाश कवड़े की पत्नी शिवसेना उबाठा की तरफ से चुनाव में खड़ी थी और आकाश कवड़े ने उनका पूरा चुनाव प्रचार किया था। इस चुनाव में कांग्रेसी कार्यकर्ता सोमेश डिगे की पत्नी को पराजय का सामना करना पड़ा था। इसलिए उनका चयन नहीं किया जाना चाहिए था। पार्टी संगठन ने इस बारे में पुनर्विचार करना चाहिए।