अकोला मनपा में बड़ा फर्जीवाड़ा! पूर्व महिला अधिकारी के नाम पर बांटे जा रहे थे सर्टिफिकेट, 3 कर्मचारी निलंबित
Akola Latest News: अकोला मनपा की बड़ी कार्रवाई। जन्म-मृत्यु विभाग के 3 कर्मचारी निलंबित। पूर्व महिला अधिकारी के फर्जी हस्ताक्षर के इस्तेमाल का खुलासा। दोषी कर्मियों का डंपिंग ग्राउंड में होगा तबादला।
- Written By: प्रिया जैस
अकोला न्यूज
Akola News: अकोला महानगरपालिका के जन्म-मृत्यू विभाग में कार्यरत कर्मचारियों की लापरवाही और गैर जिम्मेदाराना रवैये के चलते प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है। स्थायी समिति के सभापति विजय अग्रवाल ने विभाग के तीन कर्मचारियों देवानंद तायडे, जामनीक और शरद डोंगरे पर तत्काल प्रशासकीय कार्रवाई प्रस्तावित करते हुए निलंबन के निर्देश दिए हैं।
इन कर्मचारियों पर आरोप है कि वे बिना किसी कारण जन्म-मृत्यू प्रमाणपत्र जारी करने में लगभग एक माह का विलंब कर रहे थे, समीक्षा बैठक में गलत जानकारी दे रहे थे और पूर्व निबंधक महिला अधिकारी के नाम का अनुचित उपयोग कर रहे थे। इस कार्रवाई से मनपा के कामचोर कर्मचारियों में खलबली मच गई है।
महापौर शारदा खेडकर, सभापति विजय अग्रवाल, उपमहापौर अमोल गोगे, आयुक्त डा. सुनील लहाने और अन्य जनप्रतिनिधियों की उपस्थिति में समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में पाया गया कि नागरिकों को प्रमाणपत्र देने में लगातार विलंब हो रहा है और कर्मचारियों ने संतोषजनक उत्तर भी नहीं दिए। इसके बाद दोषी कर्मचारियों पर कार्रवाई के निर्देश दिए गए।
सम्बंधित ख़बरें
रिक्शा-टैक्सी चालकों को मराठी सीखने में सरकार करेगी मदद, कैबिनेट में जारी की गई गाइड पुस्तिका
भंडारा में 15 मई तक धारा 37 लागू, हथियार और जुलूस पर प्रतिबंध, त्योहारों के मद्देनज़र प्रशासन सख्त
नितेश राणे का दौरा रद्द, सभा में इंतजार करते रह गए समर्थक, अचलपुर-परतवाड़ा में जनसभा फीकी
प्राचीन स्मारकों के पास अवैध खनन बदस्तूर जारी, खुले में लावारिस पड़ी हैं अनमोल मूर्तियां
प्रशासनिक जांच और तबादले के आदेश
जन्म-मृत्यू विभाग में कार्यरत डा. फवाज खान और अन्य लिपिकीय कर्मचारियों के खिलाफ भी नागरिकों और पार्षदों ने शिकायतें दर्ज कराई हैं कि वे नागरिकों से अभद्र व्यवहार करते हैं। इस पर सभापति ने प्रशासन को जांच कर दोषी कर्मचारियों का तबादला डंपिंग ग्राउंड या कांजी हाऊस विभाग में करने के निर्देश दिए।
यह भी पढ़ें – सावधान! शेयर बाजार में मुनाफे का झांसा देकर 1 करोड़ की ठगी, नवी मुंबई पुलिस ने महापे में पकड़ा फर्जी कॉल सेंटर
महिला अधिकारी के नाम का दुरुपयोग
गंभीर मामला यह भी सामने आया कि पूर्व निबंधक डा. मनीषा बोरेकर, जो पांच-छह महीने पहले तक विभाग में कार्यरत थीं, उनके नाम और हस्ताक्षर का टोकन नागरिकों को दिया जा रहा था। यह उनके नाम का सीधा दुरुपयोग है। इस गंभीर मामले से यह स्पष्ट हुआ कि वरिष्ठ अधिकारी भी इस अनियमितता से अनभिज्ञ थे। इस पूरी कार्रवाई ने जन्म-मृत्यू विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर दिए हैं और संकेत दिया है कि अब मनपा प्रशासन को पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करने के लिए कठोर कदम उठाने होंगे।
