Akola Municipal Corporation News: अकोला महानगरपालिका के जन्ममृत्यू विभाग में कार्यरत कर्मचारियों की लापरवाही और गैर जिम्मेदाराना रवैये के चलते प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है। स्थायी समिति के सभापति विजय अग्रवाल ने विभाग के तीन कर्मचारियों देवानंद तायडे, जामनीक और शरद डोंगरे पर तत्काल प्रशासकीय कार्रवाई प्रस्तावित करते हुए निलंबन के निर्देश दिए हैं।
इन कर्मचारियों पर आरोप है कि वे बिना किसी कारण जन्ममृत्यू प्रमाणपत्र जारी करने में लगभग एक माह का विलंब कर रहे थे। समीक्षा बैठक में गलत जानकारी दे रहे थे और पूर्व निबंधक महिला अधिकारी के नाम का अनुचित उपयोग कर रहे थे। इस कार्रवाई से मनपा के कामचोर कर्मचारियों में खलबली मच गई है।
महापौर शारदा खेडकर, सभापति विजय अग्रवाल, उपमहापौर अमोल गोगे, आयुक्त डा. सुनील लहाने और अन्य जनप्रतिनिधियों की उपस्थिति में समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में पाया गया कि नागरिकों को प्रमाणपत्र देने में लगातार विलंब हो रहा है और कर्मचारियों ने संतोषजनक उत्तर भी नहीं दिए।
इसके बाद दोषी कर्मचारियों पर कार्रवाई के निर्देश दिए गए। प्रशासनिक जांच और तबादले के आदेश जन्ममृत्यू विभाग में कार्यरत डा. फवाज खान और अन्य लिपिकीय कर्मचारियों के खिलाफ भी नागरिकों और पार्षदों ने शिकायतें दर्ज कराई हैं कि वे नागरिकों से अभद्र व्यवहार करते हैं।
इस पर सभापति ने प्रशासन को जांच कर दोषी कर्मचारियों का तबादला डंपिंग ग्राउंड या कांजी हाऊस विभाग में करने के निर्देश दिए। महिला अधिकारी के नाम का दुरुपयोग गंभीर मामला है। यह भी सामने आया कि पूर्व निबंधक डा. मनीषा बोरेकर, जो पांच-छह महीने पहले तक विभाग में कार्यरत थीं, उनके नाम और हस्ताक्षर का टोकन नागरिकों को दिया जा रहा था।
यह उनके नाम का सीधा दुरुपयोग है। इस गंभीर मामले से यह स्पष्ट हुआ कि वरिष्ठ अधिकारी भी इस अनियमितता से अनभिज्ञ थे। इस पूरी कार्रवाई ने जन्ममृत्यू विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर दिए हैं और संकेत दिया है कि अब मनपा प्रशासन को पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करने के लिए कठोर कदम उठाने होंगे।