अकोला परिमंडल में महावितरण बिजली आपूर्ति तस्वीर (सौजन्य-नवभारत)
Akola Mahavitran News: अकोला जिले में लगातार बढ़ती जनसंख्या, औद्योगिक गतिविधियों और आधुनिक जीवनशैली के चलते बिजली की मांग में दिन-प्रतिदिन इजाफा हो रहा है। बढ़ती मांग के अनुरूप बिजली आपूर्ति को सुचारु बनाए रखना महावितरण के लिए एक बड़ी चुनौती बनता जा रहा है। इसी पृष्ठभूमि में जिले में कुल 814 लाइनमैन पदों को मंजूरी दी गई है। हालांकि इन पदों की संख्या पर्याप्त होने के बावजूद, फील्ड पर कार्यरत लाइनमैनों और तकनीकी कर्मचारियों पर काम का बोझ लगातार बढ़ रहा है।
महावितरण का परिमंडलीय कार्यालय अकोला में स्थित है, जिसके अंतर्गत अकोला, बुलढाना और वाशिम जिले आते हैं। इस पूरे क्षेत्र में बिजली आपूर्ति व्यवस्था को बनाए रखने की जिम्मेदारी महावितरण पर है। बिजली व्यवस्था की रीढ़ माने जाने वाले लाइनमैन, तकनीशियन और यंत्रचालक ही वास्तव में ग्राउंड लेवल पर रहकर महावितरण की गाड़ी को आगे बढ़ा रहे हैं। चाहे दिन हो या रात, बारिश हो या तेज गर्मी बिजली आपूर्ति बाधित होते ही ये कर्मचारी तुरंत मौके पर पहुंचकर मरम्मत कार्य में जुट जाते हैं।
महावितरण की ओर से शहरी और ग्रामीण दोनों क्षेत्रों में ग्राहकों को सुचारु और अखंडित बिजली आपूर्ति उपलब्ध कराने के लिए हरसंभव प्रयास किए जा रहे हैं। अचानक फॉल्ट आने पर तात्कालिक मरम्मत, डीपी दुरुस्ती, ट्रांसफार्मर सुधार और लाइन दुरुस्ती जैसे कार्यों पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। इसके साथ ही उपलब्ध मानवबल का प्रभावी नियोजन कर आधुनिक तकनीक का अधिकतम उपयोग किया जा रहा है, ताकि कम समय में अधिक प्रभावी सेवा दी जा सके।
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बिजली आपूर्ति व्यवस्था को और मजबूत करने के लिए महावितरण आधुनिक उपकरणों, ऑनलाइन मॉनिटरिंग सिस्टम और त्वरित शिकायत निवारण प्रणाली का सहारा ले रहा है। इससे तकनीकी गड़बड़ियों की पहचान जल्दी होती है और समय पर समाधान संभव हो पाता है।
इस संबंध में अकोला परिमंडल के मुख्य अभियंता राजेश नाईक ने कहा कि बिजली ग्राहकों को हमेशा अबाधित और गुणवत्तापूर्ण सेवा उपलब्ध कराना ही महावितरण का मुख्य लक्ष्य है। उन्होंने बताया कि सभी उपविभागों को स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं कि ग्राहकों को निर्धारित समयसीमा के भीतर सेवा उपलब्ध कराई जाए। किसी भी प्रकार की तकनीकी खराबी सामने आते ही तुरंत कार्रवाई कर मरम्मत कार्य पूरा किया जाता है।
उन्होंने यह भी कहा कि भविष्य में बढ़ती बिजली मांग को ध्यान में रखते हुए व्यवस्था को और अधिक सक्षम बनाने की दिशा में लगातार प्रयास किए जा रहे हैं, ताकि उपभोक्ताओं को किसी प्रकार की असुविधा न हो।