Akola News: बुनियादी ढांचे से सुधरी यातायात की स्थिति, पर अधूरे प्रोजेक्ट्स और अतिक्रमण अब भी बड़ी चुनौती
Akola City Traffic News: अकोला में जेल चौक एनसीसी बटालियन के फ्लाईओवर्स से राहत मिली है, लेकिन न्यू तापडिया नगर आरओबी का अधूरा काम और अंडरपास की बदहाली शहरवासियों के लिए अब भी बड़ी समस्या बनी हुई है।
- Written By: रूपम सिंह
प्रतीकात्मक तस्वीर (सोर्स: सोशल मीडिया)
Akola Population 2026 News: अकोला शहर का क्षेत्रफल और जनसंख्या लगातार बढ़ने से यातायात की समस्या बार-बार सामने आती है। इस समस्या के समाधान के लिए शहर में दो उड़ान पुल और दो रेलवे ओव्हर ब्रिज (आरओबी) बनाए गए हैं।
इनसे यातायात का दबाव काफी हद तक कम हुआ है। हालांकि न्यू तापडिया नगर आरओबी का काम लंबे समय से अधूरा है और अंडरपास भी शोभे की वस्तु बनकर रह गया है। अकोला शहर की जनसंख्या अब 6 लाख से अधिक हो गई है। शहर की सड़कों पर यातायात का दबाव बढ़ गया है। साथ ही मुख्य सड़कों के दोनों ओर व्यावसायिक अतिक्रमण होने से अक्सर ट्रैफिक जाम और यातायात की स्थिति बनती है।
इस समस्या के समाधान के लिए शहर में दो उड़ान पुल निर्मित किए गए हैं। इनमें से एक जेल चौक से अग्रसेन चौक तक और दूसरा एनसीसी बटालियन से पुलिस मुख्यालय तक बनाया गया है। इन दोनों पुलों से यातायात का दबाव काफी हद तक कम हुआ है। इसके अलावा डाबकी रोड पर आरओबी शुरू होने से पुराना शहर की यातायात समस्या भी हल हुई है।
सम्बंधित ख़बरें
3 दिन तक नशीली कॉफी पिलाई…UPSC Aspirant से लखनऊ में गैंगरेप, शिवम और शनि यादव ने बना के रखा था बंधक!
नासिक में रोंगटे खड़े कर देने वाला हादसा: पानी भरी बाल्टी में डूबने से 1 साल की मासूम हिंदवी की दर्दनाक मौत
Akola: 3 करोड़ के राजस्व वाला ठेका 1.40 करोड़ में देने की तैयारी? स्थायी समिति ने रोकी निविदा
छत्रपति संभाजीनगर: जालना से इलाज के लिए आई महिला का सिडको बस स्टैंड से अपहरण, ऑटो चालक पर केस दर्ज
न्यू तापडिया नगर आरओबी का काम अधूरा
अकोला शहर में दो आरओबी के काम लगभग एक साथ शुरू किए गए थे। इनमें से डाबकी रोड आरओबी पूरा हो गया है, लेकिन न्यू तापडिया नगर आरओबी का काम लंबे समय से अधूरा है। इसके कारण नागरिकों को कई कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। इस संदर्भमें कई बार आंदोलन हुए हैं और नागरिकों, सामाजिक संगठनों, स्वयंसेवी संस्थाओं तथा राजनीतिक दलों ने काम पूरा करने की मांग की है। बावजूद इसके, आरओबी का काम अब तक अधूरा ही है।
यह भी पढ़ें:- अकोला में ई-रिक्शा पंजीकरण पर सख्ती, बिना पुलिस सत्यापन नहीं मिलेगा रजिस्ट्रेशन
अंडरपास बना शोभे की वस्तु
शहर की आंतरिक यातायात समस्या हल करने के लिए करोड़ों रुपये खर्च कर प्रमिलाताई ओक सभागृह से टॉवर चौक तक अंडरपास बनाया गया। लेकिन नियोजन और रखरखाव की कमी के कारण यह अंडरपास शोभे की वस्तु बनकर रह गया है। सकरा रास्ता, बरसात में पानी भरना और स्ट्रीट लाइट की कमी के कारण नागरिक इसका उपयोग करने से बचते हैं, परिणाम स्वरूप यातायात की समस्या जस की तस बनी हुई है।
