अकोला: गैस एजेंसियों पर तीसरे दिन भी भारी भीड़, व्यावसायिक सिलेंडर बंद होने से होटल व्यवसायी चूल्हे पर निर्भर
अकोला में गैस सिलेंडर की कमी का संकट गहराया है। नागरिकों को सिलेंडर की उपलब्धता के लिए लंबी कतारों का सामना करना पड़ रहा है। प्रशासन ने अफवाहों पर ध्यान न देने की अपील की है।
Akola LPG Gas Crisis News: अकोला जिले में लगातार तीसरे दिन भी गैस एजेंसियों के बाहर लंबी कतारें देखने को मिलीं। नागरिक खाली सिलेंडर लेकर एजेंसियों के बाहर कतार में लगे नज़र आए। प्रशासन का दावा है कि जिले के सभी नागरिकों को उनकी आवश्यकता के अनुसार सिलेंडर उपलब्ध कराया जाएगा, लेकिन कमी की आशंका से लोग पैनिक हो गए हैं।
व्यावसायिक सिलेंडर वितरण बंद होने से होटल और दुकानदारों को चूल्हे या कोयले की भट्टी पर काम चलाने के लिए मजबूर होना पड़ा। वहीं घरेलू उपयोग के लिए एलपीजी सिलेंडर का वितरण सुचारु रूप से जारी है। प्रशासन ने नागरिकों से अपील की है कि वे सोशल मीडिया पर फैल रही अफवाहों पर विश्वास न करें और अनावश्यक सिलेंडर का भंडारण न करें।
अब ऑनलाइन बुकिंग की सुविधा शहरी क्षेत्रों के लिए 25 दिन और ग्रामीण क्षेत्रों के लिए 45 दिन बाद उपलब्ध है। पहले मोबाइल पर कॉल बिजी आने या तकनीकी समस्याओं के कारण बुकिंग में कठिनाई हो रही थी, लेकिन अब नागरिक अपने पंजीकृत मोबाइल नंबर से सिलेंडर बुक कर सकते हैं।
सम्बंधित ख़बरें
अकोला में 30 हजार रुपये की रिश्वत लेते पंचायत समिति की महिला अभियंता गिरफ्तार, भुगतान के बदले मांगी थी रकम
अकोला: 16 मई से शुरू होगी घर-घर जनगणना, मनपा आयुक्त सुनील लहाने ने नागरिकों से सटीक जानकारी देने की अपील की
अकोला में खरीफ सीजन से पहले कृषि विभाग की बड़ी कार्रवाई, 3 केंद्रों के लाइसेंस निलंबित और 5 को थमाया नोटिस
अकोला: 3 मई तक भीषण हीटवेव और अचानक बारिश का अलर्ट, प्रशासन ने दोपहर 12 से 4 बजे तक बाहर न निकलने की दी सलाह
जिला आपूर्ति अधिकारी रविंद्र येन्नार ने कहा कि जिले में घरेलू गैस सिलेंडरों का पर्याप्त भंडार मौजूद है। उन्होंने नागरिकों से अपील की कि वे अफवाहों पर ध्यान न दें और धैर्य बनाए रखें।
होटल व्यवसाय पर इस संकट का गंभीर असर पड़ा है। जिला होटल एसो. के अध्यक्ष योगेश अग्रवाल ने कहा कि प्रशासन द्वारा व्यावसायिक सिलेंडर के उपयोग पर पूर्ण प्रतिबंध लगाया गया है, जिससे होटल मालिक और कर्मचारियों की हालत दयनीय हो गई है।
अकोला इंडस्ट्रीज एसोसिएशन के नितिन बियाणी ने कहा कि युद्धजन्य परिस्थितियों के कारण शहर में सिलेंडरों की कमी हो गई है। यह स्थिति उद्योगों पर भी प्रतिकूल प्रभाव डाल रही है।
