अकोला भूमि अभिलेख विभाग में बड़ा घोटाला? निलंबित अधिकारी पंकज पवार पर आपराधिक मामला दर्ज
Pankaj Pawar Fraud Case: अकोला भूमि अभिलेख विभाग के निलंबित उप अधीक्षक पंकज पवार पर पद का दुरुपयोग कर 15 मामलों में शासकीय धोखाधड़ी का मामला दर्ज हुआ है। सिटी कोतवाली पुलिस जांच कर रही है।
- Written By: केतकी मोडक
प्रतीकात्मक तस्वीर (सोर्स - सोशल मिडिया)
Akola Land Records Fraud: अकोला जिला अधीक्षक भूमि अभिलेख कार्यालय, अकोला से लोकसेवक द्वारा पद और अधिकारों के घोर दुरुपयोग का एक बेहद गंभीर और हैरान करने वाला मामला सामने आया है। विभाग के तत्कालीन उप अधीक्षक पंकज पवार (जो वर्तमान में निलंबित चल रहे हैं) के खिलाफ विभिन्न वित्तीय व प्रशासनिक अनियमितताओं और कथित शासकीय धोखाधड़ी के संगीन आरोपों में सिटी कोतवाली पुलिस थाने में आपराधिक मुकदमा दर्ज कर लिया गया है।
आधिकारिक सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, आरोपी पंकज पवार ने 1 जून 2023 से 30 जून 2025 के बीच उप अधीक्षक, भूमि अभिलेख के पद पर मलाईदार कुर्सी पर कार्यरत रहते हुए अपने शासकीय अधिकारों का कथित रूप से जमकर दुरुपयोग किया और सरकारी नियमों को ताक पर रख दिया।
मौका निरीक्षण के नाम पर बड़ा खेल
प्रशासनिक स्तर पर की गई प्रारंभिक जांच और स्क्रूटनी में यह खुलासा हुआ है कि तत्कालीन उप अधीक्षक पंकज पवार ने केवल मौका निरीक्षण (स्पॉट इंस्पेक्शन) को आधार बनाकर कुल 15 महत्वपूर्ण भू-प्रकरणों में बड़े पैमाने पर अवैध अनियमितताएं कीं। इन आरोपों की सूची इतनी लंबी और गंभीर है कि विभाग के वरिष्ठ अधिकारी भी सन्न रह गए हैं। पवार पर आरोप है कि उन्होंने प्राइम लोकेशन की संपत्तियों के मूल स्वामित्व प्रकारों में अवैध रूप से मनचाहा बदलाव किया, जो खाताधारक सालों पहले मर चुके थे उनके नाम पर भी धड़ल्ले से नए आवेदन स्वीकार किए और उनके जाली दस्तावेज तैयार करवाए।
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आरक्षित सरकारी जमीन को निजी लोगों के नाम चढ़ाय
घोटाले की परतें यहीं नहीं खुलतीं, बल्कि आरोपी अधिकारी ने अस्थायी भाड़े (लीज) के आधार पर फर्जी संपत्ति पत्रिकाएं (प्रॉपर्टी कार्ड) तक तैयार करवा दीं। सबसे चौंकाने वाला आरोप यह है कि आम जनता की सुख-सुविधाओं और सरकारी विकास कार्यों के लिए आरक्षित रखी गई बहुमूल्य जमीनों को नियमों के विरुद्ध जाकर निजी स्वार्थ के चलते कुछ चुनिंदा निजी व्यक्तियों के नामों पर सरकारी रिकॉर्ड में दर्ज कर दिया गया। इसके साथ ही अपने अधिकार क्षेत्र की सीमाओं को लांघते हुए पवार ने कई लोगों को जमीन के स्वामित्व संबंधी जाली प्रमाणपत्र भी धड़ल्ले से जारी किए।
लोकसेवक के भरोसे का कत्ल
इस महा-फर्जीवाड़े का खुलासा होने के बाद अकोला जिला अधीक्षक भूमि अभिलेख, अकोला ने खुद आगे आकर इस पूरे मामले की एक लिखित शिकायत सिटी कोतवाली पुलिस थाने में दर्ज कराई। अपनी आधिकारिक शिकायत में उन्होंने कड़े शब्दों में कहा कि पंकज पवार ने एक जिम्मेदार लोकसेवक के रूप में शासन द्वारा सौंपे गए अटूट विश्वास, निष्ठा और जिम्मेदारी का सरेआम उल्लंघन किया है और सीधे तौर पर महाराष्ट्र सरकार व राजस्व विभाग को धोखा देने का अक्षम्य कृत्य किया है।
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उच्च पदस्थ अधिकारी से मिली इस लिखित शिकायत के आधार पर सिटी कोतवाली पुलिस ने मामला दर्ज कर जालसाज अधिकारी के खिलाफ कानूनी फंदा कसना शुरू कर दिया है। इस हाई-प्रोफाइल राजस्व घोटाले की संवेदनशीलता को देखते हुए मामले की कमान खुद पुलिस अधीक्षक अर्चित चांडक, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक बी. चंद्रकांत रेड्डी तथा उपविभागीय पुलिस अधिकारी (शहर) सुदर्शन पाटिल ने अपने हाथों में ले ली है।
उनके सीधे मार्गदर्शन में पुलिस उपनिरीक्षक अनिल इंगोले द्वारा इस पूरे भ्रष्टाचार की विस्तार से तफ्तीश की जा रही है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि आरोपी अधिकारी द्वारा साइन किए गए तमाम संदिग्ध सरकारी दस्तावेजों, फाइलों और कंप्यूटर रिकॉर्ड को कब्जे में लेकर गहनता से जांच की जा रही है और जल्द ही इस मामले में बड़ी गिरफ्तारियां संभव हैं।
