Akola News: अकोला में बारिश की बेरुखी से खरीफ संकट में, 67 हजार हेक्टेयर में अब भी बुआई बाकी
Akola Rain Shortage: अकोला जिले में बारिश की कमी से खरीफ सीजन प्रभावित हो रहा है। कृषि विभाग के अनुसार 4.32 लाख हेक्टेयर लक्ष्य के मुकाबले 84.43 प्रतिशत क्षेत्र में ही बुआई पूरी हुई है।
- Written By: आंचल लोखंडे
अकोला खरीफ फसल संकट- फाइल फोटो (सोर्सः सोशल मीडिया)
Akola Kharif Crop Crisis: अकोला जिले में बारिश की लंबी बेरुखी ने खरीफ सीजन को संकट में डाल दिया है। कृषि विभाग के अनुसार इस वर्ष खरीफ फसलों की औसत बुआई 4 लाख 32 हजार हेक्टेयर क्षेत्र में प्रस्तावित थी। अब तक 3 लाख 64 हजार 768 हेक्टेयर (84।43 प्रतिशत) क्षेत्र में ही बुआई पूरी हो सकी है, जबकि 67 हजार 263 हेक्टेयर भूमि पर अभी भी बुआई शेष है।
लगातार 12 दिनों से अच्छी बारिश नहीं होने से पहले ही बुआई कर चुके किसानों के सामने दोबारा बुआई का खतरा भी मंडराने लगा है। यदि जल्दी ही दमदार बारिश नहीं हुई तो किसानों को दोबारा बुआई करनी पड़ेगी। इस वर्ष अल नीनो के प्रभाव के कारण मानसून समय पर सक्रिय नहीं हुआ, जिससे खरीफ सीजन लगभग एक माह देरी से शुरू हुआ।
बारिश नहीं हुई तो बढ़ेगा किसानों का खर्च
जून के मध्य में हुई वर्षा के बाद किसानों ने बड़े पैमाने पर बुआई कर ली थी, लेकिन इसके बाद बारिश थमने से खेतों में उगी फसलें प्रभावित होने लगी हैं। कपास, सोयाबीन पर जोर जिले में सोयाबीन और कपास का क्षेत्र सबसे अधिक है, ऐसे में इन प्रमुख फसलों का भविष्य भी बारिश पर निर्भर हो गया है।
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अकोला में री-सोइंग का खतरा
कई क्षेत्रों से सोयाबीन, तुअर और कपास के बीजों के अंकुरित नहीं होने की शिकायतें भी सामने आई हैं। इससे किसानों का बीज, खाद, मजदूरी और खेती की तैयारी पर किया गया खर्च संकट में पड़ गया है। कई किसानों को अब दोबारा बुआई की आशंका सताने लगी है। खेती की लागत बढ़ने और बारिश की अनिश्चितता ने किसानों की चिंता और बढ़ा दी है।
