

Akola Drought: सूखाग्रस्त किसानों को भरपूर सहायता देने के साथ ही ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार सृजन, पशुओं के लिए चारा-पानी, पेयजल व्यवस्था तथा जल संरक्षण के कार्य व्यापक स्तर पर किए जाएंगे।
सूखे से प्रभावित किसानों को सहायता देना सरकार की प्राथमिकता है। यह बात राज्य के राजस्व मंत्री चंद्रशेखर बावनकुले ने शनिवार को अकोला दौरे में किसानों से बातचीत के दौरान कही। राजस्व मंत्री चंद्रशेखर बावनकुले की अध्यक्षता में सूखे की स्थिति से निपटने के लिए मंत्रिमंडल की उपसमिति गठित की गई है। इसके तहत सूखाग्रस्त क्षेत्रों का प्रत्यक्ष निरीक्षण किया जा रहा है।
इसी क्रम में मंत्री बावनकुले ने अकोला तहसील के येवता तथा बालापुर तहसील के मानकी क्षेत्र की नुकसानग्रस्त फसलों का निरीक्षण किया। उन्होंने सरकारी विश्रामगृह में किसानों और नागरिकों से निवेदन भी प्राप्त किए। इस दौरान किसानों से बातचीत कर उनकी समस्याएं जानीं और उन्हें सहायता का भरोसा दिलाया। इस अवसर पर पालक मंत्री एड. आकाश फुंडकर, सांसद अनूप धोत्रे, विधायक रणधीर सावरकर, प्रकाश भारसाकले, हरीश पिंपले, वसंत खंडेलवाल, महापौर शारदा खेडकर, संतोष शिवरकर, जयंत मसने, गिरीश जोशी उपस्थित थे।
अकोला जिले में सूखा निरीक्षण के दौरान राजस्व मंत्री चंद्रशेखर बावनकुले ने एक खेत में किसान के साथ जमीन पर बैठकर चटनी-भाकरी का स्वाद लिया। उनके इस आत्मीय कदम ने संकटग्रस्त किसानों में उम्मीद की नई किरण जगाई है।
बालापुर तहसील के मानकी देगाव में फसलों का मुआयना करते समय राजस्व मंत्री ने पद और सत्ता का प्रोटोकॉल किनारे रख दिया। उन्होंने दोपहर की कड़ी धूप में नीम के पेड़ की छांव में बैठकर स्थानीय किसान द्वारा प्रेम से परोसा गया सादा भोजन सहर्ष ग्रहण किया, किसानों को बंधाया ढांढस विदर्भ, मराठवाड़ा और खानदेश के दौरे पर निकले सूखा निवारण समिति के अध्यक्ष बावनकुले ने बर्बाद हुई फसलों को देखकर किसानों को हर संभव सरकारी मदद, आर्थिक राहत और सांत्वना देने का आश्वासन दिया।
राजस्व मंत्री चंद्रशेखर बावनकुले ने कहा कि केंद्र सरकार से अधिक सहायता प्राप्त करने के लिए राष्ट्रीय आपदा राहत बल के निर्धारित मानकों के अनुसार फसल नुकसान का सही आकलन आवश्यक है। इसलिए नुकसान का आकलन तेजी और सटीकता से पूरा करने के निर्देश प्रशासन को दिए गए हैं। पेयजल, पशुओं के लिए चारा-पानी, फसल नुकसान का आकलन तथा खेती के लिए पानी की व्यवस्था को प्राथमिकता देते हुए प्रशासन को समन्वय के साथ तेजी से काम करने के निर्देश दिए गए।