Akola News: शराब मुफ्त न देने पर कर्मचारी की हत्या, आरोपी रणजीत वाघ को उम्रकैद
अकोला शहर के बड़ी उमरी परिसर के रेलवे गेट के पास स्थित एक शराब की दुकान में एक व्यक्ति पर चाकू से हमला करने वाले आरोपी को Akola District Court ने आजीवन कारावास की सजा सुनायी है।
- Written By: अपूर्वा नायक
अकोला जिला एवं सत्र न्यायालय (सौ. सोशल मीडिया )
Akola News In Hindi: बड़ी उमरी परिसर के रेलवे गेट के पास स्थित एक शराब की दूकान के कर्मचारी की चाकू मारकर हत्या करने वाले आरोपी को जिला एवं सत्र न्यायालय ने आजीवन कारावास की सजा सुनाई। आरोपी का नाम रणजीत वाघ (30), निवासी सिद्धार्थ नगर, बड़ी उमरी है।
घटना 2018 की है जब आरोपी रणजीत वाघ सिविल लाइन्स थाना क्षेत्र के रेलवे गेट के पास स्थित शराब दूकान में शराब पीने के लिए गया था। उसके पास पैसे नहीं थे और उसने मुफ्त में शराब मांगी। दूकान के मैनेजर विश्वास गुरव (44), निवासी बड़ी उमरी और कर्मचारी श्रीकांत सोनकुले ने उसे शराब देने से इंकार कर दिया। इसके बाद आरोपी ने दूकान पर आने वाले ग्राहकों से शराब के लिए पैसे मांगने शुरू कर दिए, जिस पर गुरव और सोनकुले ने उसे दूकान से बाहर निकाल दिया।
गुस्से में आरोपी पास ही स्थित एक दूकान से चाकू उठाकर शराब दूकान में घुस गया और कर्मचारी श्रीकांत सोनकुले के पेट में वार कर दिया। गंभीर रूप से घायल श्रीकांत की इलाज के दौरान मौत हो गई। इस मामले में सिविल लाइन्स पुलिस ने भादंसं की धारा 302, 307, 452, 450, 504 और 506 के तहत मामला दर्ज किया। जांच अधिकारी सुनील सोलंके ने मामले की जांच कर आरोप पत्र न्यायालय में प्रस्तुत किया। सभी पक्षों की दलीलें सुनने के बाद जिला एवं सत्र न्यायालय ने आरोपी रणजीत वाघ को दोषी पाए जाने पर कठोर सजा सुनाई। सरकारी पक्ष की ओर से पैरवी एड आर आर देशपांडे ने की, जबकि पैरवी अधिकारी श्रीकृष्ण पाचपोर और एएसआई श्रीकांत गावंडे ने कार्यवाही संभाली।
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सुनाई गई सजा
न्यायालय ने अपने फैसले में आरोपी को भादंसं की धारा 302 के तहत आजीवन कारावास और 5 हजार रुपये जुर्माना, जुर्माना न भरने पर 1 वर्ष साधारण कारावास, धारा 450 के तहत 5 वर्ष सश्रम कारावास और 5 हजार रुपये जुर्माना, धारा 452 के तहत 5 वर्ष सश्रम कारावास और 500 रुपये जुर्माना, धारा 506 के तहत 2 वर्ष सश्रम कारावास और 500 रुपये जुर्माना तथा जुर्माना न भरने पर प्रत्येक मामले में 15 दिन की साधारण कैद की सजा सुनाई। वहीं धारा 504 के आरोप से आरोपी को बरी कर दिया गया।
