मै अगर मर जाऊं तो मंदिर का फंड पास कर देना… विधानसभा सत्र में ऐसा क्यों बोल गए अकोला विधायक साजिद खान पठान?
Sajid Khan Pathan Statement: में अकोला पश्चिम के विधायक साजिद खान पठान ने कहा, अगर मैं मर जाऊं तो मंदिर का फंड पास कर देना। लॉरेंस बिश्नोई गैंग की धमकी का मुद्दा विधानसभा सत्र में गुंजा।
- Written By: गोरक्ष पोफली
साजिद खान पठान का बयान (सोर्स: डिजाइन फोटो)
Sajid Khan Pathan Demands Temple Fund: महाराष्ट्र विधानसभा का वर्तमान सत्र एक बेहद ही संवेदनशील मोड़ का गवाह बना, जब अकोला पश्चिम से कांग्रेस विधायक साजिद खान पठान ने सदन में अपनी जान के खतरे और अधूरी इच्छाओं को साझा किया। लॉरेंस बिश्नोई गैंग से मिल रही लगातार धमकियों के बीच साजिद पठान ने सदन में जो कहा, उसने न केवल विपक्ष बल्कि सत्ता पक्ष को भी सोच में डाल दिया।
विधायक साजिद पठान ने सदन में कहा, अगर बाबा सिद्दीकी की तरह मेरा भी खून हो जाए, तो मेरी एक मांग है कि मैंने राजेश्वर मंदिर के लिए जो फंड मांगी थी, उसे विधानसभा अध्यक्ष महोदय मंजूर करवा दें और उस मंदिर का निर्माण कार्य पूरा करवाएं। उन्होंने स्पष्ट किया कि वे अपनी सुरक्षा को लेकर चिंतित नहीं हैं, बल्कि उनकी प्राथमिकता वह विकास कार्य और धार्मिक सद्भाव है जिसके लिए उन्होंने धनराशि की मांग की थी। पठान ने आगे कहा, मैं धमकियों से डरने वाला इंसान नहीं हूं। अगर मैं डरता, तो धमकी मिलने के बाद कल घर से बाहर ही नहीं निकलता।
बिश्नोई गैंग की धमकी और सदन में हंगामा
साजिद खान पठान को पहली बार फरवरी 2026 में जान से मारने की धमकी मिली थी, जिसके बाद अब दोबारा उन्हें बिश्नोई गैंग की ओर से धमकी भरा कॉल आया है। इस मुद्दे को लेकर सदन में विपक्ष ने सरकार को जमकर घेरा। कांग्रेस नेता नाना पटोले और विजय वडेट्टीवार ने इस मामले को उठाते हुए कहा कि एक विधायक को बार-बार गिरोहों द्वारा धमकी मिलना राज्य की कानून व्यवस्था पर बड़ा सवाल है। नाना पटोले ने तीखा हमला बोलते हुए कहा कि मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने सदन में आश्वासन दिया था कि गुंडों पर कार्रवाई होगी, लेकिन फिर भी धमकी मिली। इसका अर्थ है कि बिश्नोई गैंग मुख्यमंत्री की भी नहीं सुन रही है।
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सरकार का पक्ष और सुरक्षा का आश्वासन
विपक्ष के हंगामे और साजिद पठान की भावुक अपील के बाद सरकार की ओर से मंत्री नितेश राणे और शंभूराज देसाई ने पक्ष रखा। नितेश राणे ने कहा कि सदन के किसी भी सदस्य को मिलने वाली धमकी को सरकार कतई बर्दाश्त नहीं करेगी और मुख्यमंत्री स्वयं इस मामले को गंभीरता से देख रहे हैं।
शंभूराजे देसाई ने मांगी मोबाइल नंबरों की जानकारी
कैबिनेट मंत्री शंभूराज देसाई ने विधायक से उन मोबाइल नंबरों की जानकारी मांगी जिससे धमकियां आ रही हैं। उन्होंने सदन को आश्वस्त किया कि पुलिस कमिश्नर के माध्यम से जांच कराई जाएगी और यदि आवश्यक हुआ तो साजिद पठान की सुरक्षा बढ़ाई जाएगी। हालांकि, सरकार के जवाब से पूरी तरह संतुष्ट न होते हुए विपक्ष ने सदन से वॉकआउट कर अपना विरोध दर्ज कराया।
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साजिद खान पठान का यह बयान कि उनकी मृत्यु के बाद भी मंदिर का काम नहीं रुकना चाहिए, वर्तमान राजनीतिक माहौल में चर्चा का विषय बना हुआ है, जो उनके क्षेत्र के प्रति उनके समर्पण और सांप्रदायिक सौहार्द की भावना को दर्शाता है। फिलहाल, पुलिस इस पूरे मामले की गहन जांच कर रही है।
