अकोला में बुवाबाजी के खिलाफ जागरण; नागरिकों का संकल्प, भोंदूगिरी विरोध में 5 अहम प्रस्ताव पारित
बुवाबाजी विरोधी परिषद में अंधश्रद्धा के खिलाफ एकजुट होकर संकल्प लिया गया। जादूटोना विरोधी कानून के प्रचार, प्रशिक्षण, जागरूकता अभियान और हर जिले में समितियाँ बनाने सहित पाँच प्रस्ताव पारित किए गए।
Akola News: किसी भी धर्म में मौजूद बुवाबाजी का तीव्र विरोध करते हुए विवेकी नागरिकों ने एकजुट होकर इसके खिलाफ संकल्प लिया। साथ ही जादूटोना विरोधी कानून का प्रभावी प्रचारप्रसार करने की आवश्यकता पर जोर देते हुए विभिन्न प्रस्ताव शनिवार को आयोजित बुवाबाजी विरोधी परिषद में पारित किए गए।
अखिल भारतीय अंधश्रद्धा निर्मूलन समिति अंनिस के अगुवाई से मराठा मंडल सभागृह में यह परिषद आयोजित हुई। दोपहर 1 बजे से शाम 6 बजे तक चले इस कार्यक्रम का उद्घाटन जिजाऊ ब्रिगेड की प्रदेशाध्यक्षा सीमा बोके के हाथों हुआ। इस अवसर पर डॉ. सीमा तायडे, अंनिस जिलाध्यक्ष चंद्रकांत तराल, डॉ. आशा मिरगे, प्रदीप खाडे, राम मुले और डॉ. मिलिंद चोखण्डे उपस्थित थे।
सीमा बोके ने कहा कि जिजाऊ और सावित्री के विचार अपनाने वाली महिलाएँ किसी भी कर्मकांड और भोंदूगिरी का शिकार नहीं होतीं। डॉ. सीमा तायडे ने महिलाओं से कर्मकांडों से दूर रहकर चिकित्सा की ओर ध्यान देने का आग्रह किया। डॉ. आशा मिरगे ने महिलाओं को बुवाबाजी के दैवी चमत्कारों के दावों से सावधान रहने और उनकी गतिविधियों का कठोर परीक्षण करने की आवश्यकता बताई। भूत भानामती पर किया मार्गदर्शनशरद वानखडे ने भूतभानामती और जादूटोना विषय पर मार्गदर्शन करते हुए कहा कि अंनिस का चुनौती आज तक किसी ने स्वीकार नहीं किया,
सम्बंधित ख़बरें
काटेपूर्णा अभयारण्य में ली गई वन पर्यटक कार्यशाला, पर्यटकों को अभयारण्य में जैवविविधता की दी जाती जानकारी
विश्व मधुमक्खी दिवस 2026: पुरस्कार के लिए नामांकन आमंत्रित, महाराष्ट्र खादी व ग्रामोद्योग मंडल की पहल
सरकारी योजनाओं के बल पर महिला सशक्तिकरण, हल्दी और मिर्च के उद्योग से मिला सफलता का स्वाद
अकोला में अग्निशमन केंद्र निर्माण का महापौर शारदा खेडकर ने किया निरीक्षण, गुणवत्ता और समयसीमा पर दिए निर्देश
जिससे स्पष्ट है कि ऐसी बातें अस्तित्व में नहीं हैं। अशोक घाटे ने चमत्कारों का प्रात्यक्षिक प्रस्तुत कर बताया कि ये सब ट्रिक होते हैं और किसी को भी चमत्कार करने की क्षमता नहीं है। पुरुषोत्तम आवारे पाटिल ने ज्योतिष शास्त्र पर कहा कि यह विज्ञानसम्मत नहीं है, बल्कि ठोकताले और अनुमान का खेल है। नागरिकों को अपने परिश्रम और कर्तृत्व पर भरोसा करना चाहिए।परिषद में पारित प्रस्तावपरिषद में पाँच प्रस्ताव एकमत से पारित किए गए।
जादूटोना विरोधी कानून का स्पष्टिकरण किया जाए। कानून के प्रचारप्रसार हेतु ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में प्रशिक्षण कार्यशालाएँ आयोजित हों। राज्य के प्रत्येक पुलिस थाने में दक्षता अधिकारी पद निर्मित किया जाए। प्रत्येक जिले में जादूटोना विरोधी कानून प्रचार और अमल समितियाँ स्थापित की जाएँ। नागरिकों में जागरूकता बढ़ाने के लिए सतत अभियान चलाया जाए।
