सरकारी योजनाओं के बल पर महिला सशक्तिकरण, हल्दी और मिर्च के उद्योग से मिला सफलता का स्वाद
सरकारी योजनाओं के माध्यम से महिला उद्यमिता में स्नेहल मंत्री का उदाहरण, जिन्होंने हल्दी और मिर्च के उद्योग में सफलता पाई है।
Washim News: मुश्किल हालातों से उबरकर आत्मविश्वास, कड़ी मेहनत और दूरदर्शी सोच से सफलता का रास्ता कैसे बनाया जा सकता है, इसका असरदार उदाहरण समीपस्थ काटा ग्राम निवासी स्नेहल मंत्री ने पेश किया है.
गृह उद्योग के जरिए अपनी अलग पहचान बनाकर उन्होंने महिला उद्यमियों के लिए आदर्श प्रस्तुत किया है और आत्मनिर्भरता व रोजगार सृजन में अहम योगदान दिया है. वाशिम तहसील के ग्राम काटा निवासी स्नेहल मंत्री ने मुख्यमंत्री रोजगार निर्मिती कार्यक्रम CMEGP के तहत वर्ष 2022-23 में बैंक से 8 लाख रुपये का कर्ज प्राप्त कर उद्योग की शुरुआत की थी.
महाराष्ट्र राज्य खादी व ग्रामोद्योग मंडल, जिला कार्यालय वाशिम से 2.80 लाख रुपये का अनुदान मिलने से उनके उद्योग को मजबूत सहारा मिला. इस आर्थिक मदद से उन्होंने हल्दी, मिर्च और विभिन्न मसालों के उत्पादन व प्रसंस्करण का व्यवसाय शुरू किया. शुरुआती दौर में उन्हें पैसों की तंगी, बिक्री में रुकावटें, बाजार में प्रतिस्पर्धा और अपने उत्पाद को पहचान दिलाने जैसी चुनौतियों का सामना करना पड़ा.
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लेकिन लक्ष्य पर टिके रहते हुए उन्होंने हर मुश्किल को अवसर में बदला. उद्योग के लिए आवश्यक यंत्रसामग्री लगाकर उत्पादन प्रक्रिया में आधुनिकता लाई. दर्जेदार उत्पादन, लगातार गुणवत्ता और ग्राहकाभिमुख दृष्टिकोण से उनके उत्पादों को स्थानीय बाजार में विशेष प्रतिसाद मिलने लगा.
समय के साथ उनके मसाला उत्पादों ने ग्राहकों का भरोसा हासिल किया और व्यवसाय को स्थिरता व विस्तार मिला. आज उनके उद्योग का वार्षिक टर्नओवर 12 से 14 लाख रुपये तक पहुँच गया है और 10 से 12 लोगों को रोजगार के अवसर भी उपलब्ध हुए हैं.
