किसानों को राहत: अकोला जिले में खेतों तक पहुंचने के लिए 746 सड़कें बनेंगी
जिले में 746 खेतपगडंडी सड़कों का चयन, अतिक्रमण से कृषि उत्पादकता पर संकट। अकोट और तेल्हारा में 750 रास्ते प्रभावित।
Akola District: अकोला जिले में मातोश्री ग्राम समृद्धि खेतपगडंडी सड़क योजना और मुख्यमंत्री बलीराजा खेतपगडंडी सड़क योजना के अंतर्गत कुल 746 सड़कों का चयन किया गया है. इनमें गांव नक्शे पर दर्ज 618 और नक्शे पर दर्ज न किए गए 128 रास्ते शामिल हैं. इन सड़कों का उद्देश्य किसानों को खेत तक आसानी से पहुंचने, कृषि उपकरण और उपज ले जाने की सुविधा देना है. योजना रोजगार गारंटी विभाग के अंतर्गत लागू की जा रही है.
हाल ही में विधायक रणधीर सावरकर की उपस्थिति में उपविभागीय अधिकारी कार्यालय में समीक्षा बैठक हुई. इसमें अकोला पूर्व विधानसभा क्षेत्र और अकोट तहसील में विकसित किए जाने वाले खेतपगडंडी रास्तों पर चर्चा की गई. योजना के तहत खेतों तक जाने वाले मार्ग, गांवों को जोड़ने वाले रास्ते और शिवदांड जैसे खेत मार्गों को चौड़ा और पक्का किया जाएगा.योजना का सहभागपहले चरण में 25 प्रश सड़कें जिला परिषद, 25 प्रश पंचायत समिति और 50 प्रश प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के माध्यम से बनाई जाएंगी.
इस जनसंख्या के आधार पर चयन होगा, जिसमें 2000 तक की आबादी 1 सड़क, 2000 से 3000 तक 2 सड़कें, 3000 से 4000 तक 3 सड़कें और 5000 से अधिक आबादी वाले गांव की 4 सड़कें शामिल की जाएंगी.पाइंटरअतिक्रमण की समस्याअकोट और तेल्हारा तहसील में अतिक्रमण सबसे बड़ी बाधा बनकर सामने आया है. अकोट में 400 और तेल्हारा में 350, कुल 750 खेत रास्ते अतिक्रमित पाए गए हैं.
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इन्हें मुक्त कराने के लिए किसानों की बैठकें ली जा रही हैं और जरूरत पड़ने पर पुलिस बंदोबस्त में अतिक्रमण हटाने की चेतावनी दी गई है.कृषि उत्पादकता पर असरकिसानों का कहना है कि सड़कों की खराब स्थिति से कृषि उत्पादकता प्रभावित हो रही है. कई वर्षों से रास्तों की दुरावस्था बनी हुई है, जिससे जीवन, आजीविका और खेती पर गंभीर संकट उत्पन्न हुआ है.
