अखिलेश यादव (सोर्स: एएनआई)
महाराष्ट्र: विधानसभा चुनाव को लेकर महाराष्ट्र में सियासी बिगुल बज चुका है। राज्य में चुनावों की तारीखों का ऐलान होने के बाद सभी राजनीतिक पार्टियां तैयारियों में जुट गई हैं। इसकी चलते समाजवादी पार्टी के नेता और पूर्व सीएम अखिलेश यादव महाराष्ट्र में दो दिवसीय दौरे पर हैं। इस दौरान वह मालेगांव और धुले में जनसभा को संबोधित करेंगे। बता दें कि राज्य में 20 नवंबर को मतदान होने हैं। इसके लिए सभी राजनीतिक पार्टियां चुनाव प्रचार में अपना दमखम दिखा रही हैं।
उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री और सपा के प्रमुख अखिलेश यादव आज 18 अक्टूबर को मालेगांव में जनसभा को संबोधित करेंगे तो वहीं कल यानी 19 अक्टूबर को धुले में राजनीतिक कार्यक्रम में शामिल होंगे। वह दो दिवसीय महाराष्ट्र के दौरे पर हैं। चुनावों की तारीखों का ऐलान होने के बाद पार्टी अपने पक्ष में माहौल बनाने की कोशिश कर रही है। समाजवादी पार्टी उत्तर प्रदेश के बाहर भी अपनी पकड़ बनाने में जुटी है क्योंकि सपा का फोकस महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव पर है।
पिछली बार हुए चुनाव में सपा के मुस्लिम विधायकों ने ही चुनाव में जीत हासिल की थी। इसकी वजह से सपा ने साल 2024 में ज्यादातर मुस्लिम सीटों पर चुनाव लड़ने का प्लान बनाया था। वहीं, धूलिया और औरंगाबाद जैसे मुस्लिम बहुल सीटों पर सपा अपने उम्मीदवार उतारने की तैयारी कर रही है। बता दें कि मालेगांव और धुलिया असदुद्दीन ओवैसी का गढ़ है। साल 2019 के विधानसभा चुनाव में इन सीटों पर एआईएमआईएम ने जीतकर सबको चौंका दिया था। महाराष्ट्र में सपा अच्छी भागीदारी चाहती है, इस वजह से उन्होंने इन इलाकों में अपने कार्यक्रम रखे हैं। सपा जमीनी सियासत करके जनता के दिल में अपनी जगह बनाने की कोशिश कर रही है।
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सूत्रों द्वारा मिली जानकारी के अनुसार महाराष्ट्र चुनाव को लेकर कांग्रेस के कुछ नेता चाहते थे कि उत्तर प्रदेश में सपा अपना दिल करते हुए कांग्रेस के लिए कुछ सीटें छोड़े ताकि महाराष्ट्र में कांग्रेस अपने हिस्से की दो सीट सपा के लिए छोड़ देगी। वहीं बाकी दो सीटों पर महाअघाड़ी के अन्य दल से बात करेगी लेकिन इस पर सपा तैयार नहीं है। बताया जा रहा है कि समाजवादी पार्टी इस बार करीब 12 सीटों पर चुनाव लड़ने का मन बनाए है। ऐसे में कयास लगाए जा रहे हैं कि सपा महाराष्ट्र में इस बार अकेले चुनाव लड़ सकती है। हालांकि इस पर अंतिम फैसला अखिलेश यादव के महाराष्ट्र दौरे के बाद लिया जाएगा। बता दें कि महाराष्ट्र में सपा 2014 के चुनाव में चार और 2019 के विधानसभा चुनाव में दो प्रत्याशी की जीत हुई थी। उस समय वह अकेले ही लड़ी थी।