सीवर सफाई में रोबोट की मदद लेगी महाराष्ट्र सरकार, सिपाहियों को मिलेंगे मुफ्त घर

मंत्री संजय शिरसाट ने अजित पवार के साथ बैठक की। इस बैठक में तय हुआ कि अब सीवर की सफाई में रोबोटिक मशीनों का इस्तेमाल किया जाएगा। साथ ही सिपाहियों को मुफ्त घर देने की योजना तय की है।
उपमुख्यमंत्री अजित पवार (pic credigt; social media)
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Maharashtra News: महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री अजित पवार से मुलाकात के बाद राज्य सरकार में मंत्री संजय शिरसाट ने मीडिया से बातचीत में दो अहम योजनाओं की जानकारी दी। मंत्री संजय शिरसाट ने बताया कि सीवर की सफाई में अब रोबोटिक मशीनों का इस्तेमाल किया जाएगा। इस संबंध में उपमुख्यमंत्री अजित पवार से विस्तृत चर्चा हुई है।

शिरसाट ने कहा कि इस मुद्दे को आगामी कैबिनेट बैठक में रखा जाएगा। इसके अलावा, मंत्री ने पुलिसकर्मियों को लेकर भी एक महत्वपूर्ण जानकारी दी। उन्होंने कहा कि जो सिपाही 25 साल की सेवा पूरी करते हैं, उन्हें मुफ्त घर देने की योजना पहले से थी, लेकिन इसका क्रियान्वयन नहीं हो पा रहा था।

बैठक में यह सुझाव दिया गया कि 25 साल की सेवा की शर्त को घटाकर 20 साल किया जाए। अब इस सुझाव को भी कैबिनेट बैठक में प्रस्तावित किया जाएगा। जैसे ही कैबिनेट से मंजूरी मिलेगी, यह योजना तुरंत लागू कर दी जाएगी, जिससे लंबे समय से सेवा दे रहे पुलिसकर्मियों को बड़ी राहत मिलेगी।

पुराने घरों को हटाकर सुंदर मैदान विकसित करने की योजना

महाराष्ट्र के खाद्य, नागरिक आपूर्ति और उपभोक्ता संरक्षण मंत्री छगन भुजबल ने पुणे में महात्मा ज्योतिराव फुले और सावित्रीबाई फुले के ऐतिहासिक घर के आसपास के क्षेत्र के विकास और शिव भोजन थाली योजना के बारे में महत्वपूर्ण जानकारी दी। उन्होंने कहा, "फुले दंपति का घर, जहां वे रहते थे, वहां पर्यटकों और श्रद्धालुओं के लिए बसों या वाहनों से पहुंचना मुश्किल है। आसपास के इलाके में कई पुराने घर हैं, जिनमें से कुछ जर्जर हो चुके हैं और कुछ बाद में बने हैं। इन घरों को हटाकर वहां एक बड़ा और सुंदर मैदान विकसित करने की योजना है।"

संजय शिरसाट ने बताया कि सावित्रीबाई फुले के नाम पर एक समग्र स्मारक बनाया जाएगा, जिसे 300 मीटर की दूरी पर स्थित समुद्र तट से जोड़ा जाएगा। इसके लिए स्थानीय लोगों को दूसरी जगह घर या अन्य विकल्प देने की कोशिश की जा रही है। भुजबल ने कहा, "लोग स्थानांतरित होने के लिए तैयार हैं। इस परियोजना के लिए 200 करोड़ आवंटित किए गए हैं, जिनमें से 100 करोड़ पुणे महानगरपालिका को दिए जा चुके हैं।

सरकारी धन का दुरुपयोग नहीं होगा बर्दाश्त

इस काम को जल्द पूरा करने के लिए अजित पवार के साथ बैठक की गई, जिसमें पुणे के कलेक्टर, कमिश्नर और अन्य अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं। शिव भोजन थाली योजना के बारे में भुजबल ने कहा कि इस योजना के लिए कुछ धनराशि बिल भुगतान के लिए प्राप्त हुई है, लेकिन कुछ केंद्रों पर अनियमितताएं सामने आई हैं। कुछ लोग 100 थालियों का पैसा लेते हैं, लेकिन कम थालियां परोसते हैं या बिल्कुल नहीं देते। कुछ जगहों पर दोगुनी थालियों का दावा किया जा रहा है। इस पर उन्होंने अधिकारियों को चेतावनी देते हुए कहा, "सभी केंद्र संचालकों को चेतावनी है कि ठीक ढंग से काम करें। सरकारी धन का दुरुपयोग बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

(News Source-आईएएनएस)

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