Solapur Politics:सोलापुर नगर निगम चुनाव (सोर्सः सोशल मीडिया)
Solapur Municipal Election: नगर निगम चुनाव के आखिरी दौर में सभी उम्मीदवारों ने पूरी मेहनत की है और दादा-भैया (पूर्व सांसद सुजय विखे और विधायक संग्राम जगताप) की साख दांव पर लगी है। इस दौर में सांसद नीलेश लंके सक्रिय हो गए हैं और मुकाबला और बढ़ गया है। विपक्ष को चुनौती इस बात की है कि BJP का मुकाबला NCP के अजीत पवार ग्रुप के गठबंधन से है। नगर निगम चुनाव में BJP-राष्ट्रवादी गठबंधन, शिंदे शिवसेना और महाविकास अघाड़ी के बीच त्रिकोणीय मुकाबला है।
वार्ड 4 में मुस्लिम बहुल इलाके में AIMIM और समाजवादी पार्टी के बीच टक्कर है और अंतिम दौर में कांग्रेस भी वहां मजबूत हो गई है। शहर के अधिकांश हिस्सों में मुकाबला BJP, शिवसेना और MVA के बीच है। चूंकि शिवसेना के मौजूदा नगरसेवकों की संख्या अधिक है, इसलिए अपनी सीटें बचाने के लिए पूरी कोशिशें की जा रही हैं।
BJP के युवा नेताओं डॉ. सुजय विखे पाटिल और विधायक संग्राम जगताप ने पूरे चुनाव अभियान और रणनीति की कमान संभाली है। पालकमंत्री राधाकृष्ण विखे पाटिल मार्गदर्शन कर रहे हैं, वहीं नाराज़ BJP समर्थकों से भी संपर्क बढ़ रहा है। अंतिम दौर में यह नाराज़ समर्थक BJP गठबंधन की ताकत बढ़ा रहे हैं।
मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस की मीटिंग BJP के लिए लाभकारी साबित हो रही है। NCP की तरफ़ से जगताप ने पर्सनल मीटिंग पर फ़ोकस करते हुए रणनीति बनाई है। BJP की तरफ़ से मुख्यमंत्री फडणवीस, मंत्री पंकजा मुंडे और प्रदेश अध्यक्ष रवींद्र चव्हाण का प्रचार और मीटिंग कार्यक्रम चल रहा है।
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शिंदे शिवसेना में “एकला चलो” जैसी स्थिति है क्योंकि स्टेट-लेवल नेताओं की गैरमौजूदगी में लोकल नेता अपनी सीटें बचाने के लिए अपने वार्ड में व्यस्त हैं। इससे नए उम्मीदवारों के लिए परिस्थितियां चुनौतीपूर्ण बन गई हैं। MVA से सांसद नीलेश लंके अपने किले की रक्षा के लिए सक्रिय हैं। कांग्रेस नेता सांसद इमरान प्रतापगढ़ी ने भी मुस्लिम-बहुल इलाके में मीटिंग की।
सभी उम्मीदवारों ने पोलिंग से पहले रविवार का दिन वोटरों तक पहुंचने के लिए प्रचार में लगाया। घर-घर प्रचार, लाउडस्पीकर और रिक्शों का इस्तेमाल किया गया। यह रविवार काफी सक्रिय और शोर-गुल वाला रहा। कैंपेन के आखिरी दिनों में दादा-भैया की टीम पूरी नज़र रख रही है ताकि किसी भी खतरे से बचा जा सके और हासिल मोमेंटम कमजोर न पड़े।