श्रीरामपुर ‘मसाला गल्ली’ का रहस्य और गहराया, अब ठेकेदार और स्वच्छता निरीक्षक भी बीमार
Shrirampur Municipal News: महाराष्ट्र के श्रीरामपुर में ‘मसाला गल्ली’ इलाके का रहस्य गहराता जा रहा है, जहां मास्क पहनने के बावजूद स्वच्छता निरीक्षक और ठेकेदार को सांस लेने में तकलीफ हुई।
- Written By: आंचल लोखंडे
gas leak suspicion
Shrirampur Masala Galli Mystery: श्रीरामपुर शहर के प्रभाग क्रमांक 7 स्थित ‘मसाला गल्ली’ इलाके में रहस्यमयी बीमारी का मामला और गंभीर होता जा रहा है। मंगलवार (10 मार्च) को चार सफाई कर्मचारियों के बीमार पड़ने की घटना के बाद बुधवार (11 मार्च) को मौके का निरीक्षण करने गए नगर पालिका के स्वच्छता निरीक्षक और ठेकेदार को भी उसी तरह की परेशानी होने से हड़कंप मच गया। खास बात यह रही कि सभी लोग मास्क पहने हुए थे, इसके बावजूद उन्हें सांस लेने में दिक्कत महसूस हुई।
मंगलवार की घटना के बाद बुधवार सुबह सीनियर म्युनिसिपल क्लर्क और सैनिटेशन इंस्पेक्टर संजय अराने, दिशा एंटरप्राइजेज के ठेकेदार सूरज माली और अन्य कर्मचारी इलाके का निरीक्षण करने पहुंचे। सावधानी के तौर पर सभी ने मास्क पहने हुए थे, लेकिन कुछ ही देर में अराने और माली दोनों को फिर से वही परेशानी महसूस होने लगी।
बुधवार की घटना: मास्क होने के बावजूद ठेकेदार को अस्पताल ले जाना पड़ा
स्थिति बिगड़ने पर अराने तुरंत वहां से बाहर निकल गए और सुरक्षित दूरी पर पहुंचने के बाद उनकी हालत सामान्य हो गई। हालांकि ठेकेदार सूरज माली का रक्तचाप बढ़ गया और उन्हें सांस लेने में दिक्कत होने लगी, जिसके बाद उन्हें तुरंत अस्पताल ले जाया गया। प्राथमिक उपचार के बाद उन्हें घर भेज दिया गया। मास्क पहनने के बावजूद इस तरह की समस्या सामने आने से प्रशासन के सामने बड़ा सवाल खड़ा हो गया है कि आखिर इलाके में ऐसा क्या है जो लोगों को बीमार कर रहा है।
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प्रशासनिक अधिकारियों ने किया निरीक्षण
मंगलवार की घटना की गंभीरता को देखते हुए नगर परिषद के अधिकारियों ने भी मौके का दौरा किया। इस दौरान नगराध्यक्ष करण सासाने, मुख्याधिकारी मच्छिंद्र घोलप, स्वास्थ्य सभापति दीपक वामने और स्वास्थ्य अधिकारी रावसाहेब घायवत ने इलाके का निरीक्षण किया। नगराध्यक्ष करण सासाने ने कहा, “मैंने खुद मौके का निरीक्षण किया। वहां तेज बदबू आ रही थी। किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। पूरी जांच के बाद दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।”
क्या प्रशासन के दावों पर उठ रहे सवाल?
बुधवार की घटना के बाद मुख्य अधिकारी ने अलग बयान दिया। उनका कहना है कि वहां किसी को गंभीर चोट नहीं आई और इलाके की पृष्ठभूमि को देखते हुए यह मानसिक दबाव का असर भी हो सकता है। हालांकि विशेषज्ञों का कहना है कि अगर किसी को अचानक हाई ब्लड प्रेशर और सांस लेने में परेशानी हो रही है, तो यह केवल मानसिक प्रभाव नहीं बल्कि हवा में मौजूद किसी हानिकारक गैस का असर भी हो सकता है।
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मास्क पहनने के बावजूद सांस लेने में दिक्कत
मंगलवार को जब सफाई कर्मचारी बीमार पड़े थे, तब प्रशासन ने यह कहकर सफाई दी थी कि उन्होंने मास्क नहीं पहना था। लेकिन बुधवार को मास्क पहनने के बावजूद लोगों के बीमार पड़ने से प्रशासन की यह थ्योरी सवालों के घेरे में आ गई है।
लैब रिपोर्ट का इंतजार
स्वास्थ्य विभाग ने इस घटना के पीछे की असली वजह पता लगाने के लिए दो अहम कदम उठाए हैं। स्प्रे में इस्तेमाल किए गए पाउडर के सैंपल जांच के लिए नासिक की अश्वमेध प्रयोगशाला भेजे गए हैं, जबकि इलाके के सीवर के पानी के नमूने मुंबई की अन्ना प्रयोगशाला मुंबई में जांच के लिए भेजे गए हैं।
प्रशासन के सामने बड़ी चुनौती
जब तक लैब रिपोर्ट नहीं आती, तब तक नगर परिषद प्रशासन इस इलाके में काम करने वाले कर्मचारियों के लिए विशेष सुरक्षा दिशानिर्देश जारी करेगा। फिलहाल प्रभावित कर्मचारियों की हालत स्थिर बताई जा रही है, लेकिन ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकना प्रशासन के लिए बड़ी चुनौती बन गया है।
