

Shivraj Motegaonkar Arrested Latur: नीट परीक्षा पेपर लीक मामले की जांच कर रही सीबीआई ने रविवार को लातूर में एक बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया। सीबीआई ने रेणुकाई केमिस्ट्री क्लासेस (RCC) के मुख्य कार्यालय पर छापा मारकर कई आपत्तिजनक दस्तावेज और इलेक्ट्रॉनिक उपकरण जब्त किए। जांच अधिकारियों के अनुसार, कोचिंग डायरेक्टर शिवराज रघुनाथ मोटेगांवकर के मोबाइल फोन से परीक्षा का मूल प्रश्न पत्र बरामद हुआ है। एजेंसी को पुख्ता शक है कि मोटेगांवकर उस संगठित शिक्षा माफिया गिरोह का सक्रिय हिस्सा है जिसने 23 अप्रैल को ही 'क्वेश्चन पेपर' और 'आंसर की' हासिल कर ली थी। इस सेंटर के जरिए लातूर के कई रसूखदार डॉक्टरों ने भी अपने बच्चों के लिए लीक पेपर खरीदा था।
इस बीच, इस महाघोटाले पर देश में सियासत बेहद गर्म हो गई है। कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर पोस्ट कर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की चुप्पी पर तीखे सवाल उठाए। राहुल गांधी ने पूछा कि बार-बार पेपर लीक होने और छात्रों के भविष्य से खिलवाड़ होने के बावजूद फेल हो चुके शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को बर्खास्त क्यों नहीं किया जा रहा है? बढ़ते जनाक्रोश को देखते हुए केंद्र सरकार ने तुरंत एक्शन लेते हुए एनटीए (NTA) में प्रशासनिक फेरबदल किया है, जिसके तहत आईआरएस अधिकारी आकाश जैन और आदित्य राजेंद्र भोजगढ़िया को जॉइंट डायरेक्टर नियुक्त किया गया है।
सीबीआई की जांच में यह बेहद चौंकाने वाली बात सामने आई है कि पुणे से गिरफ्तार बॉटनी टीचर मनीषा मंधारे एनटीए की आधिकारिक पेपर सेटिंग कमेटी का हिस्सा थीं। इस पद पर होने के कारण उन्हें पहले से पता था कि 3 मई की परीक्षा में कौन से सवाल आने वाले हैं। मंधारे ने ब्यूटीशियन मनीषा वाघमारे के साथ मिलकर एक रैकेट चलाया। उन्होंने परीक्षा से पहले पुणे में स्पेशल क्लासेस लेकर छात्रों को बॉटनी और जूलॉजी के वही सवाल हूबहू नोट करवा दिए, जो बाद में परीक्षा में पूछे गए।
मनीषा मंधारे और वाघमारे की गिरफ्तारी इस रैकेट के मास्टरमाइंड पीवी कुलकर्णी से हुई पूछताछ के आधार पर हुई थी। कुलकर्णी लातूर का एक नामचीन केमिस्ट्री प्रोफेसर है और वह भी कई वर्षों तक नीट की पेपर-सेटिंग पैनल से जुड़ा हुआ था। कुलकर्णी ने अप्रैल के आखिरी हफ्ते में अपने घर पर गुप्त रूप से कक्षाएं आयोजित कर छात्रों को परीक्षा में आने वाले सवालों के विकल्प और सटीक जवाब रटा दिए थे। इस मामले में अब तक हुई 10 गिरफ्तारियों में से 6 आरोपी अकेले महाराष्ट्र से हैं।
उल्लेखनीय है कि नीट-यूजी 2026 की परीक्षा 3 मई को देश-विदेश के 565 केंद्रों पर आयोजित की गई थी, जिसमें करीब 23 लाख परीक्षार्थी शामिल हुए थे। 7 मई को गड़बड़ी की शुरुआती सूचना मिलने के बाद सरकार ने जांच केंद्रीय एजेंसियों को सौंपी और 12 मई को पूरी परीक्षा रद्द कर दी गई। अब नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) आगामी 21 जून को दोबारा परीक्षा आयोजित करने की तैयारी कर रही है, जबकि सीबीआई इस सिंडिकेट से जुड़े अन्य बड़े चेहरों की तलाश में लगातार छापेमारी कर रही है।