तेंदुए के सामने ढाल बनकर खड़ी हुई बूढ़ी मां, कमरे में बंद कर वन विभाग को सौंपा, जानें बेटे को कैसे बचाया?
Sangamner Leopard Incident: संगमनेर के खरशिंदे में 65 वर्षीय गंगूबाई ने तेंदुए के सामने अदम्य साहस दिखाया। सोए हुए बेटे को खींचकर बाहर निकाला और तेंदुए को घर में ही कैद कर दिया। पढ़ें पूरी रिपोर्ट।
- Written By: गोरक्ष पोफली
सांकेतिक फोटो (सोर्स: एआई फोटो)
Mother Saves Son From Leopard Attack: घटना अहिल्यानगर जिले के संगमनेर तहसील के खरशिंदे गांव की है। सुबह करीब 6 बजे हरिभाऊ शिवराम गायकवाड के घर में अचानक एक तेंदुए ने प्रवेश किया। उस समय हरिभाऊ की 65 वर्षीय मां गंगूबाई गायकवाड दरवाजे के पास ही बने चूल्हे पर खाना बना रही थीं। महज कुछ ही फीट की दूरी पर अचानक तेंदुए को खड़ा देखकर पल भर के लिए गंगूबाई के पैरों तले जमीन खिसक गई। खौफनाक बात यह थी कि उनका बेटा हरिभाऊ ठीक दरवाजे के पास ही सो रहा था।
बेटे को खींचकर निकाला बाहर
एक तरफ सामने भूखा तेंदुआ और दूसरी तरफ गहरी नींद में सो रहा बेटा मां का कलेजा इस संकट की घड़ी में पहाड़ की तरह मजबूत हो गया। गंगूबाई ने बिना एक सेकंड गंवाए जोर से चिल्लाना शुरू किया और बेटे हरिभाऊ को जगाया। इससे पहले कि सोकर उठे बेटे को कुछ समझ आता, गंगूबाई ने उसे बिस्तर समेत तेजी से बाहर की तरफ खींच लिया। तेंदुआ उन पर हमला करने के लिए झपटता, उससे ठीक पहले ही मां-बेटे फुर्ती से दरवाजे के बाहर आ गए। बाहर आते ही गंगूबाई ने तुरंत दरवाजे की कुंडी लगा दी और तेंदुए को घर के भीतर ही लॉक कर दिया।
यह भी पढ़ें: NEET Paper Leak: महाराष्ट्र में बड़ी कार्रवाई, अहिल्यानगर से एक और …
सम्बंधित ख़बरें
शिवसेना विवाद पर सुप्रीम कोर्ट में तीखी बहस, CJI सूर्यकांत ने ठाकरे गुट को क्यों लगाई फटकार? जानें पूरा मामला
फिरौती के लिए आशिक का कत्ल, लाश को ड्रम में भरकर नाले में फेंका, गर्लफ्रेंड और उसका भाई गिरफ्तार
नागपुर: मानसून पूर्व नाला सफाई के लिए मनपा की समीक्षा बैठक, विधायक नितिन राऊत ने अधिकारियों की ली क्लास
नागपुर-शहडोल ट्रेन में छूटा 3.27 लाख के सोने के गहनों से भरा बैग, RPF की मुस्तैदी से महिला को ऐसे मिला वापस
वन विभाग की रेस्क्यू टीम ने तेंदुए को किया कैद
तेंदुए के घर में कैद होने की खबर आग की तरह पूरे गांव में फैल गई। घटना की जानकारी मिलते ही वन परिक्षेत्र अधिकारी सुभाष सांगले, वन मंडल अधिकारी सुजीत बोकडे और रेस्क्यू टीम के प्रमुख संतोष पारधी अपनी पूरी टीम और कर्मचारियों के साथ मौके पर पहुंचे। बाहर ग्रामीणों की भारी भीड़ और शोरगुल सुनकर तेंदुआ घर के अंदर ही एक कोने में दुबक कर बैठ गया था।
कुछ घंटों के बेहद तनावपूर्ण और रोमांचक माहौल के बाद, वन विभाग की रेस्क्यू टीम ने अपनी कुशलता और सूझबूझ से तेंदुए को सुरक्षित रूप से पिंजरे में कैद कर लिया। तेंदुए के पकड़े जाने के बाद सरपंच और खरशिंदे गांव के लोगों ने राहत की सांस ली। इस समय हर तरफ 65 वर्षीय गंगूबाई के इस हैरतअंगेज और जांबाज कदम की सराहना हो रही है।
