Yugendra Pawar On Rahuri Assembly Bypoll 2026 (फोटो क्रेडिट-X)
Rahuri Assembly Bypoll 2026: राहुरी उपचुनाव में शरद पवार गुट की भूमिका पर युगेंद्र पवार का बड़ा बयान। अक्षय करदिले के खिलाफ उम्मीदवार उतारने पर सस्पेंस।केंद्रीय चुनाव आयोग द्वारा घोषित कार्यक्रम के अनुसार, इन दोनों सीटों पर 23 अप्रैल 2026 को मतदान होना है। दिवंगत उपमुख्यमंत्री अजित पवार और पूर्व विधायक शिवाजी करदिले के निधन के बाद खाली हुई इन सीटों पर महायुति और महाविकास अघाड़ी (MVA) की रणनीतियों पर सबकी नजरें टिकी हैं। भाजपा ने राहुरी सीट से शिवाजी करदिले के बेटे अक्षय करदिले को मैदान में उतारा है, जिससे यह मुकाबला भावनात्मक और राजनीतिक रूप से महत्वपूर्ण हो गया है।
इस Rahuri Assembly Bypoll 2026 के संदर्भ में राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (शरद चंद्र पवार) के युवा नेता युगेंद्र पवार ने अपनी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने स्पष्ट किया कि बारामती में पार्टी चुनाव नहीं लड़ेगी, लेकिन राहुरी सीट को लेकर अभी तक कोई अंतिम निर्णय नहीं लिया गया है। युगेंद्र पवार के अनुसार, प्रदेश अध्यक्ष जयंत पाटिल, शरद पवार और सुप्रिया सुले आपस में चर्चा करने के बाद ही यह तय करेंगे कि अक्षय करदिले के खिलाफ एमवीए का उम्मीदवार उतारा जाए या नहीं।
बारामती और राहुरी, दोनों ही जगहों पर महायुति की ओर से चुनाव को निर्विरोध कराने की कोशिशें की जा रही हैं। युगेंद्र पवार ने कहा, “बारामती के सभी नागरिकों की यही इच्छा है कि चुनाव निर्विरोध हो, यही दादा (अजित पवार) को सच्ची श्रद्धांजलि होगी।” हालांकि, राहुरी में भाजपा द्वारा अक्षय करदिले की उम्मीदवारी घोषित किए जाने के बाद, विपक्षी खेमे में हलचल मची हुई है। शशिकांत शिंदे और अन्य वरिष्ठ नेता इस Upcoming Bypolls in Maharashtra की रणनीति पर मंथन कर रहे हैं।
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6 अप्रैल को सुनेत्रा पवार अपना नामांकन पत्र दाखिल करने वाली हैं। इस पर बात करते हुए युगेंद्र पवार ने एक सकारात्मक रुख अपनाया। उन्होंने कहा, “अगर चाची (सुनेत्रा पवार) मुझे फोन करती हैं या बुलाती हैं, तो मैं निश्चित रूप से उनके नामांकन के दिन वहां मौजूद रहूँगा।” उन्होंने विश्वास जताया कि बारामती की जनता सुनेत्रा पवार को भारी मतों से निर्वाचित करेगी। हालांकि, उन्होंने यह भी जोड़ा कि लोकतंत्र में सभी को चुनाव लड़ने का अधिकार है, इसलिए अन्य पार्टियों के नामांकन दाखिल करने पर रोक नहीं लगाई जा सकती।
शिवाजी करदिले के निधन के बाद उनके बेटे Akshay Kardile in Rahuri Bypoll को उम्मीदवार बनाकर भाजपा ने सहानुभूति कार्ड खेलने की कोशिश की है। राहुरी विधानसभा क्षेत्र में करदिले परिवार का अच्छा प्रभाव माना जाता है। ऐसे में शरद पवार गुट के लिए यह तय करना एक बड़ी चुनौती है कि क्या वे एक युवा चेहरे के खिलाफ राजनीतिक मुकाबला करेंगे या परंपरा का सम्मान करते हुए पीछे हटेंगे। Rahuri Assembly Bypoll 2026 की पूरी तस्वीर नामांकन वापसी की तारीख के बाद ही साफ हो पाएगी।