नेवासा में महाविकास आघाड़ी में मतभेद और महायुति में बगावत, समझौते में जुटा शीर्ष नेतृत्व
Mahavikas Aghadi Rebellion: नेवासा नगर पंचायत चुनाव में महाविकास आघाड़ी और महायुति में तीखी बगावत देखी जा रही है। नेताओं की प्रतिष्ठा दांव पर लगी दिखाई दे रही है।
- Written By: आंचल लोखंडे
नेवासा में आघाड़ी में मतभेद और युति में बगावत (सौजन्य: सोशल मीडिया)
Nevasa Nagar Panchayat Election: कार्यकर्ताओं की बढ़ती महत्वाकांक्षाओं पर नियंत्रण रखने में नेतृत्व पूरी तरह विफल साबित होने के कारण नेवासा नगर पंचायत चुनाव में महाविकास आघाड़ी के भीतर फूट और महायुति में बगावत साफ़ रूप से सामने आई है। ऐसे माहौल में अपना उम्मीदवार जीताने के लिए महाविकास आघाड़ी और महायुति के घटक दलों के नेताओं की प्रतिष्ठा दांव पर लगने वाली दिखाई दे रही है।
नेवासा नगर पंचायत चुनाव के लिए नामांकन वापस लेने का शुक्रवार आखिरी दिन था। महाविकास आघाड़ी और महायुति दोनों की ओर से नगराध्यक्ष पद और नगरसेवक पदों के आधिकारिक उम्मीदवार घोषित किए जाने के बावजूद दोनों ही खेमों में भारी बगावत भड़क उठी। बागी उम्मीदवारों को नामांकन वापस दिलाने के प्रयास में महाविकास आघाड़ी और महायुति के शीर्ष नेतृत्व को जमकर मशक्कत करनी पड़ी। गुरुवार की रात को ‘कत्तल की रात’ मानते हुए कुछ बागियों ने शुक्रवार को नाटकीय ढंग से अपने नामांकन वापस लिए।
आधिकारिक उम्मीदवारों में चिंता बढ़ी
नगराध्यक्ष पद समेत 17 प्रभागों में नगरसेवक पदों के लिए बड़ी संख्या में बागी मैदान में उतरने के कारण दोनों गठबंधनों की सिरदर्दी कम होने के बजाय और बढ़ गई है। बागी वोट काट सकते हैं, इस भय के चलते महाविकास आघाड़ी और महायुति के आधिकारिक उम्मीदवारों के चेहरे पर चिंता साफ देखी गई।
सम्बंधित ख़बरें
किसान कर्जमाफी पर पंढरपुर में रोहित पवार का आंदोलन, विखे पाटिल व राम शिंदे ने बताया राजनीतिक स्टंट
नासिक विधान परिषद चुनाव: राकांपा विधायक खोसकर का अपनी ही महायुति के उम्मीदवार दराडे पर हमला, लेटर-वॉर तेज
महाराष्ट्र विधान परिषद चुनाव: नासिक और जलगांव में महायुति की बगावत खत्म, प्रसाद हीरे और रेश्मा काले पीछे हटे
महाराष्ट्र विधान परिषद चुनाव: टिकट बंटवारे पर कांग्रेस में घमासान, यशोमती और सपकाल के बीच आरोप-प्रत्यारोप
वास्तविक चुनौती बागियों से ही
नेवासा नगर पंचायत चुनाव में महाविकास आघाड़ी और महायुति के उम्मीदवारों के सामने असली चुनौती स्वाभाविक प्रतिद्वंद्वियों से ज्यादा अपने ही बागी साथियों की मानी जा रही है। बागी उम्मीदवारों के वोट काटने की आशंका से सभी राजनीतिक दलों के दावेदारों के माथे पर शिकन गहरा गई है।
मामला अदालत में
छनबीन में नगराध्यक्ष पद के एक उम्मीदवार और 17 में से 5 प्रभागों के नगरसेवक पद के उम्मीदवारों के नामांकन रद्द होने के बाद वे अदालत चले गए हैं। मामला न्यायाधीन है और इनमें से उम्मीदवारों के लिए नामांकन वापस लेने की नयी तारीख 25 नवंबर तय की गई है।
ये भी पढ़े: देवग्राम में प्रेम प्रसंग का खौफनाक अंजाम, पत्नी के प्रेमी की पत्थर से कुचलकर हत्या, आरोपी फरार
नगराध्यक्ष पद के उम्मीदवार (पार्टी) इस प्रकार
- सचिन कडू-राष्ट्रवादी कांग्रेस (अजित पवार गुट)
- डॉ. करणसिंह घुले-शिवसेना (शिंदे गुट)
- दिनकर घोरपडे-अपक्ष
- अल्ताफ खान पठान-कांग्रेस (वंचित)
- नंदकुमार पाटील-क्रांतिकारी शेतकरी पार्टी
- मनोज पारखे-अपक्ष (भाजपा के बागी)
- अशफाक शेख-अपक्ष
