Punyashlok Bus Name Decision (सोर्सः सोशल मीडिया)
MSRTC Jamkhed Depot Buses: जामखेड तालुका की ऐतिहासिक पहचान को नई ऊंचाई देने वाला एक महत्वपूर्ण फैसला लागू किया गया है। पुण्यश्लोक अहिल्यादेवी होलकर की स्मृति में जामखेड डिपो की एसटी बसों को अब “पुण्यश्लोक” नाम से जाना जाएगा। इस मांग को लंबे समय से आगे बढ़ा रहे पांडुरंग माने के प्रयास आखिरकार सफल हो गए हैं।
उनकी पहचान एक राजनीतिक कार्यकर्ता से अधिक एक समर्पित अहिल्या भक्त के रूप में सामने आई है। जामखेड तालुका के चोंडी गांव को पुण्यश्लोक अहिल्यादेवी होलकर की जन्मभूमि होने का गौरव प्राप्त है। इसी कारण पांडुरंग माने ने मांग की थी कि जामखेड डिपो की एसटी बसों का नाम उनके नाम पर रखा जाए।
इस मांग को ध्यान में रखते हुए अहिल्यानगर डिविजनल कार्यालय ने पुण्यश्लोक अहिल्यादेवी होलकर की 301वीं जयंती के अवसर पर जामखेड डिपो की सभी बसों का नाम “पुण्यश्लोक” रखने को मंजूरी दे दी।
इस फैसले से अहिल्यादेवी के अनुयायियों और स्थानीय नागरिकों में खुशी का माहौल है। पांडुरंग माने ने इस सफल प्रयास के लिए महाराष्ट्र राज्य परिवहन महामंडल (MSRTC) के वरिष्ठ अधिकारियों, डिविजनल कंट्रोलर कार्यालय तथा जामखेड डिपो के अधिकारियों और कर्मचारियों का आभार व्यक्त किया।
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राज्य सरकार ने ग्राम पंचायत स्तर पर पुण्यश्लोक अहिल्यादेवी होलकर की जयंती मनाने का निर्णय लिया है। हालांकि कुछ स्थानों पर इस निर्णय की अनदेखी की गई थी। पांडुरंग माने ने इस मुद्दे को प्रशासन के ध्यान में लाकर इसे गंभीरता से उठाया। इसके साथ ही उन्होंने जामखेड नगर परिषद का नाम बदलकर “पुण्यश्लोक अहिल्यादेवी होलकर जामखेड नगर परिषद” रखने की भी मांग की है।