Jamkhed firing case (सोर्सः सोशल मीडिया)
Jamkhed Firing Case: जामखेड शहर और पूरे जिले को झकझोर देने वाली गोलीबारी की घटना में गंभीर रूप से घायल कुख्यात गैंगस्टर पहलवान सागर मोहलकर की आखिरकार इलाज के दौरान मौत हो गई। पिछले 12 दिनों से उनका ससून अस्पताल में इलाज चल रहा था। सोमवार (16 मार्च) देर शाम उन्हें बचाने के प्रयास समाप्त हो गए। सागर मोहलकर के खिलाफ पुलिस में कई मामले दर्ज थे।
यह सनसनीखेज घटना 4 मार्च की शाम करीब 7:30 बजे जामखेड शहर के नूरानी कॉलोनी रोड इलाके में हुई। सागर मोहलकर टहल रहे थे, तभी मोटरसाइकिल पर सवार 3 से 4 हमलावरों ने उन पर ताबड़तोड़ फायरिंग कर दी। मेडिकल जांच में सामने आया कि उनके शरीर में 4 से 5 गोलियां लगी थीं। पुलिस जांच में यह भी पता चला कि हमलावरों ने पास के एक गेट से गोलीबारी की थी।
गोली लगने के बाद गंभीर हालत में मोहलकर को पहले जामखेड के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया। इसके बाद उन्हें अहिल्यानगर ले जाया गया और फिर बेहतर इलाज के लिए पुणे रेफर किया गया। डॉक्टरों ने सर्जरी कर दो गोलियां निकाल दीं, लेकिन तीन गोलियां शरीर में ही रह गईं। ऑक्सीजन लेवल लगातार गिरने के कारण आगे सर्जरी संभव नहीं हो पाई। 12 दिनों तक जिंदगी से जंग लड़ने के बाद उनकी मौत हो गई।
इस मामले की जांच पुलिस इंस्पेक्टर दशरथ चौधरी की देखरेख में जारी है। फरार आरोपियों की तलाश के लिए पुलिस की टीमें लगातार छापेमारी कर रही हैं। इस घटना के बाद शहर में भय का माहौल है और कानून-व्यवस्था को लेकर सवाल खड़े हो रहे हैं।
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जामखेड पुलिस ने इस मामले में चार आरोपियों के खिलाफ केस दर्ज किया है। लोकल क्राइम ब्रांच ने जांच के दौरान 9 मार्च को झिकरी गांव के शिवार से अभिमन्यु महादेव पोटे (उम्र 24) को गिरफ्तार किया। पूछताछ में मौली उर्फ ज्ञानेश्वर साठे (फरार), रोहित विट्ठल अखाड़े (फरार) और चिन्या (पूरा नाम अज्ञात, फरार) के नाम सामने आए हैं। बताया जा रहा है कि सभी आरोपी पुणे के कोथरुड इलाके के निवासी हैं।