लड़कियों की शिक्षा बाधित न हो, यह महाराष्ट्र सरकार की प्राथमिकता: चंद्रकांत पाटील
Ahilyanagar News: पंढरपुर के अंतर्गत स्वेरी लॉ कॉलेज परिसर में नई बहुउद्देशीय इमारत, अत्याधुनिक प्रकाश व्यवस्था से युक्त खेल मैदान तथा कन्याओं के लिए 9 मंजिला छात्रावास के भूमिपूजन समारोह संपन्न हुआ।
- Written By: आंचल लोखंडे
लड़कियों की शिक्षा बाधित न हो (सौजन्यः सोशल मीडिया)
Pandharpur: आज का युग ज्ञान और अनुसंधान का युग है। विकास केवल ज्ञान से संभव है। यदि ज्ञान नहीं होगा तो प्रौद्योगिकी और नवाचार में आगे नहीं बढ़ा जा सकता। विश्व में प्रगति का एकमात्र विकल्प है। नवीन शोध और ज्ञान, यह विचार उच्च व तकनीकी शिक्षा तथा संसदीय कार्य मंत्री चंद्रकांत पाटील ने व्यक्त किए। वे श्री विठ्ठल एजुकेशन एंड रिसर्च इंस्टीट्यूट, पंढरपुर के अंतर्गत स्वेरी लॉ कॉलेज परिसर में नई बहुउद्देशीय इमारत, अत्याधुनिक प्रकाश व्यवस्था से युक्त खेल मैदान तथा कन्याओं के लिए 9 मंजिला छात्रावास के भूमिपूजन समारोह में बोल रहे थे।
इस अवसर पर ग्रामविकास व पंचायत राज मंत्री तथा पालकमंत्री जयकुमार गोरे, विधायक समाधान आवताडे, विधायक अभिजीत पाटील, विधायक बाबासाहेब देशमुख, पूर्व विधायक प्रशांत परिचारक, स्वेरी के संस्थापक डॉ. बी. पी. रोंगे, सचिव सूरज रोंगे, डॉ. अनिकेत देशमुख, वसंतनाना देशमुख सहित बड़ी संख्या में विद्यार्थी और गणमान्य उपस्थित थे।
भारत रहा है ज्ञान का अग्रदूत
मंत्री पाटील ने कहा कि भारत सदियों से ज्ञान का केंद्र रहा है। नालंदा और तक्षशिला जैसी प्राचीन विश्वविद्यालयें इसका प्रमाण हैं। समाज की आवश्यकताओं की पूर्ति तभी संभव है जब शिक्षण संस्थानों से अत्याधुनिक तकनीक और शोध कार्य निकलकर सामने आए।
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उन्होंने बताया कि राज्य सरकार नवाचार को प्रोत्साहित करने के लिए प्रतिबद्ध है। वर्तमान में 842 पाठ्यक्रमों में छात्राओं को शुल्कमुक्त शिक्षा उपलब्ध कराई जा रही है। उच्च शिक्षा में लड़कियों की भागीदारी बढ़ाने के लिए सुरक्षित छात्रावास अनिवार्य हैं। इसी सोच के तहत सरकार ने कमाओ और पढ़ो योजना के अंतर्गत 5 लाख छात्राओं को प्रतिमाह 2000 रुपये प्रदान करने का लक्ष्य रखा है।
शिक्षा मिलेगी तो बेटियां और आगे बढ़ेंगी
मंत्री पाटील ने स्पष्ट कहा कि यदि बेटियों को मुफ्त शिक्षा और आवश्यक सुविधाएँ उपलब्ध कराई जाएं तो वे निश्चित रूप से बड़ी ऊँचाइयाँ हासिल करेंगी।
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स्वेरी बना शोध और अवसरों का केंद्र
स्वेरी संस्थान ने शिक्षा व शोध के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान दिया है। संस्थान के संस्थापक डॉ. बी. पी. रोंगे ने जानकारी दी कि राजीव गांधी साइंस एंड टेक्नोलॉजी कमीशन ने संस्थान को 33 करोड़ 73 लाख रुपये की राशि का दो वर्षीय अनुसंधान प्रकल्प मंजूर किया है।
अब तक संस्थान के माध्यम से 500 से अधिक विद्यार्थी विकसित देशों में रोजगार प्राप्त कर चुके हैं। संस्थान के पहले ही वर्ष में छात्रा रुपाली पवार ने शिवाजी विश्वविद्यालय में गोल्ड मेडल जीतकर परंपरा कायम की थी, जो आज भी जारी है।
गरीब विद्यार्थियों के लिए शिक्षा का द्वार खुला
पालकमंत्री जयकुमार गोरे ने कहा कि देश की भावी पीढ़ी को गढ़ने के लिए स्वेरी ने हमेशा उच्च शिक्षा और आवश्यक सुविधाओं को प्राथमिकता दी है। गरीब और ग्रामीण पृष्ठभूमि के विद्यार्थियों के लिए यह संस्थान उच्च शिक्षा का दरवाजा बन गया है। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने संकल्प लिया है कि विद्यार्थियों के शैक्षणिक स्तर को उन्नत करने के हर प्रयास में राज्य सरकार सहयोग करेगी।
