

Anna Hazare Hunger Strike News: भ्रष्टाचार के खिलाफ अपने आंदोलनों से देशभर में पहचान बनाने वाले वरिष्ठ समाजसेवी अन्ना हजारे जाग गए हैं। उन्होंने राज्य सरकार को एक बार फिर से अनशन शुरू करने की धमकी दी है। महाराष्ट्र में मजबूत लोकायुक्त कानून लागू न होने से नाराज अन्ना ने 30 जनवरी 2026 से अहिल्यानगर जिले के रालेगण सिद्धी स्थित यादव बाबा मंदिर में आमरण अनशन शुरू करने की घोषणा की है। इस संबंध में उन्होंने मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस को पत्र लिखकर चेतावनी दी है।
अपने पत्र के जरिए अन्ना ने याद दिलाया है कि मजबूत लोकायुक्त कानून की मांग को लेकर उन्होंने 23 मार्च 2013 को दिल्ली के रामलीला मैदान में सात दिन का अनशन किया था और फिर 30 जनवरी 2019 को रालेगण सिद्धी के यादव बाबा मंदिर में भी सात दिन का उपवास रखा था।
इसके बाद कानून बनाने के लिए राज्य के मुख्य सचिव की अध्यक्षता में सरकार के पांच सदस्यों और सिविल सोसाइटी के पांच सदस्यों की संयुक्त मसौदा समिति बनाई गई, जिसने 9 बैठकें करके लोकायुक्त कानून का मसौदा तैयार किया था। 28 दिसंबर 2022 को राज्य विधानसभा के शीतकालीन सत्र में महाराष्ट्र लोकायुक्त विधेयक पारित हुआ। फिर 15 दिसंबर 2023 को विधान परिषद के शीतकालीन सत्र में भी यह विधेयक मंजूर हुआ। 20 दिसंबर 2024 को राज्यपाल ने इस विधेयक को मंजूरी दी और इसे राष्ट्रपति की स्वीकृति के लिए केंद्र सरकार को भेज दिया गया।
अन्ना हजारे ने कहा कि विधेयक को विधान परिषद में पारित हुए दो साल हो गए हैं, लेकिन अब तक राज्य में मजबूत लोकायुक्त कानून लागू नहीं हुआ है। उन्होंने कहा कि यह मेरा व्यक्तिगत मुद्दा नहीं है, बल्कि देश की जनता का सवाल है। देश में भ्रष्टाचार रोकने का मुद्दा है। इतना लंबा समय बीतने के बाद भी कानून लागू नहीं हो रहा, इससे साफ है कि सरकार में इच्छाशक्ति नजर नहीं आ रही है।
अन्ना ने पत्र में लिखा, "मैंने सोचा कि हार्ट अटैक से मरने से बेहतर है कि देश और समाज के हित में मौत आए तो उसे अपना सौभाग्य मानूंगा। इसलिए आपको याद दिला रहा हूं कि यदि सरकार के आश्वासन के अनुसार लोकायुक्त कानून लागू नहीं हुआ, तो महात्मा गांधी के अहिंसक मार्ग पर चलते हुए मैं 30 जनवरी 2026 से रालेगण सिद्धी के संत यादव बाबा मंदिर में अपना आमरण अनशन शुरू करूंगा।"
महायुति सरकार के कामकाज से नाराज अन्ना ने यह भी स्पष्ट किया कि लोगों के न्याय के अधिकार के लिए वे लड़ाई लड़ेंगे और यह उनका आखिरी आमरण अनशन होगा।
नासिक में आगामी सिंहस्थ कुंभ मेले की तैयारियों के तहत तपोवन इलाके में 1150 एकड़ जमीन पर साधु ग्राम बनाने के लिए 1800 पेड़ों की कटाई के प्रस्ताव का भी अन्ना हजारे ने विरोध किया है। उन्होंने कहा कि पेड़ काटने से राष्ट्र और पशु-पक्षियों को नुकसान होता है। जरूरत हो तो छोटे पेड़ काटे जा सकते हैं, लेकिन बड़े पेड़ नहीं काटने चाहिए।