अन्ना हजारे सालो बाद फिर मैदान में, RTI नियमों में बदलाव पर दिया अल्टीमेटम, 5 जुलाई से अनशन की चेतावनी
Anna Hazare Hunger Strike: वरिष्ठ समाजसेवी अन्ना हजारे ने सूचना का अधिकार (RTI) कानून में प्रस्तावित बदलावों का विरोध करते हुए मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस को पत्र लिखा है।
- Written By: आंचल लोखंडे
Anna Hazare (सोर्सः फाइल फोटो-सोशल मीडिया)
Ralegan Siddhi News: वरिष्ठ समाजसेवी अन्ना हजारे ने मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस को भेजे एक पत्र में चेतावनी दी है कि सूचना का अधिकार कानून का असर कम करने वाले प्रस्तावित बदलावों को तुरंत वापस लिया जाना चाहिए, नहीं तो 5 जुलाई से रालेगण सिद्धि में अनिश्चितकालीन अनशन शुरू किया जाएगा। इस बीच, सरकार ने तेज़ी से काम करना शुरू कर दिया है, और मुख्य सूचना आयुक्त राहुल पांडे ने हजारे से बातचीत की। साथ ही, उनकी मांगों पर बातचीत के लिए 24 जून को शाम 4 बजे रालेगण सिद्धि में एक बैठक रखी गई है।
हजारे ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि अगर मांगें नहीं मानी गईं तो वह अनशन पर अड़े रहेंगे। मुख्यमंत्री को लिखे पत्र में हजारे ने कहा कि आम लोगों के हाथ में करप्शन के खिलाफ़ राइट टू इन्फॉर्मेशन एक्ट एक असरदार हथियार है। यह सरकार में ट्रांसपेरेंसी और अकाउंटेबिलिटी बनाए रखने में अहम रोल निभाता है। इस कानून की धारा को कमज़ोर करने की कोई भी कोशिश लोकतंत्र के लिए खतरनाक हो सकती है।
RTI कानून कमजोर करने की कोशिश बर्दाश्त नहीं: हजारे
प्रस्तावित संशोधन से सुचना आयोग की अधिकार लिमिटेड होने की संभावना है और इन्फॉर्मेशन पाने के प्रोसेस में रुकावटें आ सकती हैं। साथ ही, सरकार के कामकाज में पारदर्शिता कम हो सकती है और लोगों के जानकारी के अधिकार पर असर पड़ सकता है। पिछले दो दशकों में राइट टू इन्फॉर्मेशन एक्ट की वजह से करप्शन के कई मामले सामने आए हैं। इसलिए, इस कानून का ओरिजिनल रूप बनाए रखा जाना चाहिए और जो प्रोविज़न पब्लिक इंटरेस्ट के लिए नुकसानदायक हैं, उन्हें तुरंत वापस लिया जाना चाहिए।
सम्बंधित ख़बरें
महाराष्ट्र में जल्द लागू होगी समान नागरिक संहिता! UCC पर विधानसभा में फडणवीस सरकार का बड़ा ऐलान
मुंबई को जाम से मिलेगी राहत! 17 हजार करोड़ के भायंदर-घोडबंदर मेगा कॉरिडोर को मंजूरी
नागपुर बिजली संकट पर विधानसभा में रार! कांग्रेस विधायक विकास ठाकरे ने दागे तीखे सवाल, CM फडणवीस ने दिया जवाब
‘ऑपरेशन टाइगर’ के तुरंत बाद एक्शन में एकनाथ शिंदे, बागी सांसदों के विकास निधि को हरी झंडी
इन नियमों पर आपत्ति
हज़ारे ने फ़ीस बढ़ाने, पहचान पत्र ज़रूरी करने, एप्लीकेशन प्रोसेस पर एक्स्ट्रा निर्बंध और दोबारा एप्लीकेशन देने से जुड़े प्रस्तावित नियमों पर भी आपत्ति जताई है। उन्होंने कहा है कि इन बदलावों से जानकारी पाने का प्रोसेस और ज़्यादा टेक्निकल, मुश्किल और प्रशासनिक हो सकता है। उन्होंने चिंता जताई कि इससे पारदर्शिता पर असर पड़ सकता है।
#WATCH | Ralegan Siddhi, Maharashtra: On reports of him launching fast if the Maharashtra govt does not immediately withdraw the amendments made to RTI Rules, Social activist Anna Hazare says, “…All decisions will be taken at 4 pm the day after tomorrow. Had it not been the… pic.twitter.com/Uq9LTEhKFZ — ANI (@ANI) June 23, 2026
आंदोलन की चेतावनी के बाद जागे
आंदोलन की चेतावनी के बाद जागने के बजाय सरकार को खुद काम करना चाहिए। सेक्शन 4 में 17 पॉइंट हैं और इसे असरदार तरीके से लागू किया जाना चाहिए। इससे कोई भी कानून का गलत इस्तेमाल नहीं कर पाएगा। अगर बैठक में मांगें नहीं मानी गईं तो आंदोलन होगा। फिलहाल अन्ना हजारे ने कहा है कि 5 जुलाई को अनशन के बारे में बैठक के बाद फैसला लिया जाएगा।
ये भी पढे़: Sion ROB Reconstruction में बड़ी सफलता, मध्य रेल ने लॉन्च किया 500 टन वजनी स्टील गर्डर
सकारात्मक फैसला लिया जाए: हजारे
अन्ना ने सरकार से मांग की है कि वह तुरंत पॉजिटिव फैसला ले, उन्होंने कहा कि नागरिकों का सूचना का अधिकार बरकरार रहना चाहिए और यह लोकतंत्र की बुनियादी जरूरत है। नहीं तो, उन्होंने 5 जुलाई से रालेगणसिद्धि में अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल शुरू करने की भी चेतावनी दी थी। इसके बाद सूचना आयुक्त पांडे ने बातचीत के लिए हजारे से संपर्क किया और कहा कि वह इस बारे में 24 जून को एक बैठक करेंगे। इसके अनुसार अगले आंदोलन की दिशा तय की जाएगी।
